यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ में पहुंचे LG सिन्हा, बोले- 'जम्मू कश्मीर के हजारों कारीगरों को मिलेगा लाभ'
PM Vishwakarma Yojana जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पीएम विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ समारोह में पहुंचे। उपराज्यपाल ने कहा कि हमारे उत्कृष्ट ...और पढ़ें

HighLights
- पीएम विश्वकर्मा योजना शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल और उनकी अनुकरणीय प्रतिबद्धता और समर्पण का सम्मान करती है।
- परंपरागत रूप से विश्वकर्मा को विकास का वाहक माना जाता है।
- सरकार ने 29 से अधिक अन्य शिल्पों को मान्यता दी है और उन्हें हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के दायरे में लाया है।
जम्मू, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में आयोजित यूटी स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) के शुभारंभ समारोह में भाग लिया। उन्होंने परिवर्तनकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले जम्मू-कश्मीर के हजारों कारीगरों और शिल्पकारों को सीधे लाभ होगा।
आर्थिक विकास के पहियों को रखा चालू
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारे उत्कृष्ट कारीगरों ने रचनात्मकता और कड़ी मेहनत से न केवल अमूल्य विरासत, विविध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित किया है बल्कि सामाजिक आर्थिक विकास के पहियों को भी चालू रखा है। ये मेहनती हाथ प्रगतिशील समाज की ताकत हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल और उनकी अनुकरणीय प्रतिबद्धता और समर्पण का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करेगा कि विश्वकर्माओं को वित्तीय सहायता, कौशल उन्नयन प्रदान किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत किया जाए।
पीएम विश्वकर्मा योजना हमारे विश्वकर्माओं के जीवन में लाएगी परिवर्तन
परंपरागत रूप से विश्वकर्मा को विकास का वाहक माना जाता है। वे कलात्मक शक्ति के प्रतीक, कला के स्वामी, विविध शिल्पों के निर्माता और उद्यमों के निर्माता हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर में दशकों से चली आ रही भेदभावपूर्ण व्यवस्था ने पारंपरिक कौशल में लगे समुदायों की आकांक्षाओं को कैद कर दिया है।
खबरें और भी
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम समाज के गरीब, वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि पीएम विश्वकर्मा योजना हमारे विश्वकर्माओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी।
यह भी पढ़ें: Jammu Kashmir News: उपराज्यपाल ने अल्पसंख्यक प्रतिनिधिमंडल के साथ की चर्चा, अधिकारियों को दिए ये आदेश
अर्थव्यवस्था के दो बहुत महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरे
उपराज्यपाल ने पारंपरिक कौशल और हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में लगे परिवारों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए यूटी प्रशासन द्वारा की गई प्रमुख पहल पर प्रकाश डाला। हथकरघा और हस्तशिल्प हमारी अर्थव्यवस्था के दो बहुत महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभर रहे हैं। सरकार ने 29 से अधिक अन्य शिल्पों को मान्यता दी है और उन्हें हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के दायरे में लाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन से हम हस्तशिल्प और हथकरघा के निर्यात को दोगुना करने में सफल रहे हैं।
शांति और विकास को बाधित करने की कोशिश
उपराज्यपाल ने समाज के सभी वर्गों से शांति और विकास को बाधित करने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान करने और उन्हें अलग.थलग करने का भी आह्वान किया। आतंकवाद के दौर में कुछ लोगों इसका लाभ उठाते हुए विदेशों में अपने घर बनाए हैं। अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा है और गरीबों को परेशान किया है। हमने उस पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर दिया है और ऐसे लोगों के नेटवर्क को नष्ट कर दिया है।
पिछले तीन वर्षों में कई चुनौतियों पर काबू पाया
उपराज्यपाल ने कहा हमने आम आदमी के जीवन में शांति और समृद्धि लाने के लिए पिछले तीन वर्षों में कई चुनौतियों पर काबू पाया है। उपराज्यपाल ने शासन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
जिन लोगों ने प्रतिभा, योग्यता और मेहनत को कभी पनपने नहीं दिया, उन्हें अब पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह व्यवस्था से दिक्कत है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लोगों के अधिकारों की हमेशा रक्षा की जाएगी। केवल योग्यता को बढ़ावा दिया जाएगा और सुशासन और पारदर्शिता के पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
कलाकारों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना से जोड़ने का किया आह्वान
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने अधिक से अधिक पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना से जोड़ने का आह्वान किया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत जम्मू कश्मीर द्वारा दर्ज की गई प्रगति की सराहना की और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में सभी समर्थन और सहायता का आश्वासन भी दिया।
प्रधानमंत्री से विश्वकर्मा आईडी कार्ड और प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ
भट को मिला प्रमाणपत्र श्रीनगर के एक दर्जी फैयाज अहमद भट को दिल्ली में प्रधानमंत्री से विश्वकर्मा आईडी कार्ड और प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। वह पारंपरिक फेरन के विशेषज्ञ हैं। वह पिछले 40 वर्षों से इस पारंपरिक कला में उत्कृष्टता के लिए एकनिष्ठ लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहतए बायोमेट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से विश्वकर्माओं का निःशुल्क पंजीकरण किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Anantnag Encounter: आतंकी ठिकाने के पास लगी आग, पांचवें दिन भी जारी Search Operation; पढ़ें पूरा अपडेट
उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी। बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण से जुड़े कौशल उन्नयन, 15000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन, 1 लाख रुपये तक क्रेडिट सहायता पहली किश्त और 2 लाख रुपये दूसरी किश्त प्रदान की जाएगी। पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता भी मिलेगी।