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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'अब तक उनके सिर कट जाने चाहिए थे', Doda Encounter पर फूटा फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का गुस्सा

    By Agency Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Tue, 16 Jul 2024 03:22 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में एक मेजर सहित चार जवान बलिदान हो गए। इस मामले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक ...और पढ़ें

    Doda Encounter पर फूटा फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का गुस्सा।
    Doda Encounter पर फूटा फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का गुस्सा।

    HighLights

    1. डोडा जिले में जवानों के बलिदान पर बोले फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती
    2. महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला ने की हमले की कड़ी निंदा

    पीटीआई, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद एक मेजर सहित चार जवानों के बलिदान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के जवानों की हत्या की निंदा की।

    फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने की कड़ी निंदा

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने डोडा में मुठभेड़ में एक मेजर सहित चार भारतीय सेना के जवानों और एक पुलिस अधिकारी की हत्या की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि पार्टी नेताओं ने जानमाल के दुखद नुकसान पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। इस कठिन समय में उनकी दिली संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने एक अपूरणीय क्षति झेली है।

    आतंकियों के सिर कट जाने चाहिए थे- महबूबा मुफ्ती

    पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में 'पिछले 32 महीनों में 50 सैनिकों की मौत' के लिए जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि अब तक उनके सिर कट जाने चाहिए थे। उनकी यह टिप्पणी सोमवार को डोडा जिले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक अधिकारी सहित चार सैन्यकर्मियों की मौत हो गई।

    डीजीपी को बर्खास्त करने की उठाई मांग- महबूबा मुफ्ती

    महबूबा ने कहा कि दुर्भाग्य से कोई जवाबदेही नहीं है। अब तक उनके सिर कट जाने चाहिए थे... डीजीपी (आर आर स्वैन) को अब तक बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कल डोडा में जो हुआ वह बेहद निंदनीय है। हमने इस हमले में अपने बहादुर सैनिकों और अधिकारियों को खो दिया... कोई जवाबदेही नहीं है।

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    डीजीपी पर भी लगाए गंभीर आरोप

    उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान डीजीपी राजनीतिक रूप से चीजों को ठीक करने में अधिक व्यस्त हैं। वह पीडीपी को कैसे कुचलना है और लोगों को कैसे परेशान करना है, इस बारे में अधिक चिंतित हैं।

    उन्होंने कहा कि पिछले 32 महीनों में लगभग 50 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई। किसी को भी जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है। डीजीपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हमें यहां किसी 'फिक्सर' की जरूरत नहीं है। हमें एक डीजीपी की जरूरत है। हमारे यहां पहले भी बाहर से डीजीपी आए हैं जिन्होंने बहुत अच्छा काम किया है।

    डोडा के देसा वन क्षेत्र में चलाया तलाशी अभियान

    अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने सोमवार देर शाम डोडा शहर से लगभग 55 किलोमीटर दूर देसा वन क्षेत्र में धारी गोटे उरारबागी में एक संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया, जब मुठभेड़ हुई।

    उन्होंने बताया कि कुछ देर तक गोलीबारी के बाद आतंकवादियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन एक अधिकारी के नेतृत्व में जवानों ने चुनौतीपूर्ण इलाके और घने जंगल के बावजूद उनका पीछा किया। इसके बाद सोमवार रात करीब नौ बजे फिर से मुठभेड़ हुई। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में पांच जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारी समेत चार की बाद में मौत हो गई।

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