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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नेकां मंत्री सकीना इट्टू ने बताया क्या है विशेष दर्जे का मतलब, कहा- आलोचना नहीं इसकी सराहना होनी चाहिए

    Updated: Thu, 07 Nov 2024 06:25 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू (Sakina Itoo) ने पीडीपी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अवामी इत्तिहाद पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विशेष ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जे के प्रस्ताव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य दलों में घमासान। फाइल फोटो
    जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जे के प्रस्ताव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य दलों में घमासान। फाइल फोटो

    HighLights

    1. विशेष दर्जे का मतलब 35ए और 370 है- सकीना इट्टू
    2. कहा- नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस प्रस्ताव की होनी चाहिए सराहना
    3. सकीना इट्टू बोलीं- पीडीपी ने कश्मीर के हितों के खिलाफ किया काम

    राज्य ब्यृरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए सदन में नया प्रस्ताव लाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ नेता और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्री सकीना मसूद इट्टू ने गुरुवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अवामी इत्तिहाद पाटी की आलोचना की है।

    उन्होंने कहा कि विशेष दर्जे का मतलब 35ए और 370 है। उनमें भाषा की समझ नहीं है और उन्हें कहीं से इसे सीखना चाहिए। यह लोग सिर्फ सियासत कर रहे हैं, इन्हें जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली से कोई सरोकार नहीं है। इन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस को उसके प्रस्ताव के लिए बधाई देनी चाहिए, सराहना करनी चाहिए, लेकिन यह उसमें ही कमियां निकाल रहे हैं।

    'पीडीपी ने हमेशा कश्मीर के हितों के खिलाफ काम किया'

    पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अवामी इत्तिहाद पार्टी ने आज अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के लिए और पांच अगस्त 2019 के केंद्र सरकार के फैसले की निंदा का एक प्रस्ताव स्पीकर को सौंपा है। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन और पीडीपी के वहीद उर रहमान पारा ने नया प्रस्ताव लाने को सही ठहराते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव स्पष्ट नहीं है। उसमें अनुच्छेद 370 और 35ए की पुनर्बहाली की बात नहीं है।

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    शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्री सकीना मसूद इट्टू ने कहा कि पीडीपी ने हमेशा ही कश्मीर के हितों के खिलाफ काम किया है। सज्जाद गनी लोन और इंजीनियर रशीद की भी भाजपा से मिलीभगत ही है। हमने जो प्रस्ताव लाया है, वह पूरी तरह से स्पष्ट है। इन लोगों ने उसे अच्छी तरह से समझा नहीं है, इसलिए उसकी आलोचना कर रहे हैं।

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    'एनसी ने प्रस्ताव लाकर पूरा किया वादा'

    विशेष दर्जे का मतलब 35ए और 370 है। उनमें भाषा की समझ नहीं है और उन्हें कहीं से इसे सीखना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने प्रस्ताव लाकर जनता के साथ किया गया एक वादा पूरा किया है। हम अपने उद्देश्य के प्रति सच्चे हैं और यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने प्रस्ताव लाया है, न कि किसी निजी सदस्य ने। इससे यह हताश हैं और लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए आज नया प्रस्ताव लाए हैं।

    सकीना इट्टू ने कहा कि कश्मीर की जनता इन दलों की राजनीति और इनके मकसद को अच्छी तरह समझ चुकी हे। इसलिए पीडीपी आज मात्र तीन सीटों पर सिमट चुकी है। उन्होंने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग नागपुर के कोटे से यहां मंत्री रह चुके हैं, उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव कैसे अच्छा लग सकता है। जब हमसे सब कुछ छीना गया तब प्रधानमंत्री मोदी उनके बड़े भाई हुआ करते थे।

    पीडीपी-भाजपा गठबंधन का जिक्र करते हुए सकीना इट्टू ने कहा कि जब हम पीडीपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे रहे थे , तब अल्ताफ बुखारी (जो उस समय पीडीपी के सदस्य थे) को भाजपा के साथ जाने की मजबूरी थी। उन्हें (सज्जाद लोन)लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि जनता इतनी मूर्ख नहीं है कि वह समझ सके कि मंत्री रहते हुए उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करके क्या गड़बड़ियां की हैं।

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