यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir News: 'हुकूमत को इसका कोई श्रेय नहीं जाता...' बारामूला में बंपर वोटिंग को लेकर बोले NC उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट (Baramulla Loksabha Seat) पर हुई बंपर वोटिंग को लेकर एनसी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने अपनी प्रतिक्रिया देत ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला सीट पर बंपर वोटिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें हुकूमत को कोई श्रेय नहीं जाता है। लोगों ने हिम्मत करके अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल किया है। वहीं, अगर वो इसे आर्टिकल 370 से जोड़ रहे हैं तो 1990 से पहले जो चुनाव हुए, उसमें इससे ज्यादा टर्न ओवर रहा, फिर वो क्या था।
पीएम मोदी के बयान पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और बारामूला लोकसभा सीट से उम्मीदवार उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों ने हिम्मत की और अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल किया। हुकूमत को इसका कोई श्रेय नहीं जाता... अगर वे(भाजपा) इसे धारा 370 के साथ जोड़ना चाहते हैं तो फिर उन्हें इस बात का जवाब देना होगा कि 1990 से पहले जो चुनाव रहे, उसमें टर्न-आउट इससे ज्यादा रहा। वो क्यों रहा फिर?...
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सारे फैसले शाही फरमान की तरह जारी किए जाते हैं... अच्छी बात ये है कि मतदान ही एकमात्र तरीका है अपनी आवाज बुलंद करने का और लोगों ने उसका इस्तेमाल किया।
पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में वोटिंग को लेकर कही ये बात
बारामूला लोकसभा क्षेत्र में अब तक का सबसे अधिक मतदान होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां की जनता का शुक्रिया अदा किया। पीएम मोदी ने कहा कि ये एक शानदार ट्रेंड है। पीएम मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "बारामूला की मेरी बहनों और भाइयों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए बधाई। ऐसी सक्रिय भागीदारी एक महान प्रवृत्ति है।
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बारामूला की वोटिंग पर बोले गृहमंत्री अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर! आज बारामूला लोकसभा क्षेत्र में पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। अब यह कहने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर में शांति और विकास सुनिश्चित करने के मोदी सरकार के प्रयासों ने लोकतंत्र में लोगों का भरोसा मजबूत किया है। यह उन लोगों के लिए करारा जवाब है जो पूछते हैं कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्या बदलाव आया है?