'मैं भी करता हूं AI का इस्तेमाल...', छात्रों के बीच बोले सीएम उमर अब्दुल्ला, समझाया तकनीक के सही उपयोग का मंत्र
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य को अंकों से परे नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा। उन्होंने ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला ने छात्रों को समझाया शिक्षा का महत्व और AI के सही उपयोग का मंत्र। (फाइल फोटो)
HighLights
शिक्षा का उद्देश्य नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी से युक्त पीढ़ी।
मुख्यमंत्री ने AI के जिम्मेदार उपयोग की सलाह दी छात्रों को।
उमर अब्दुल्ला ने स्वीकार किया भाषणों में ChatGPT, Gemini का उपयोग।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना या डिग्रियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी से भी समृद्ध हो। शिक्षा का असली मकसद अच्छे और जिम्मेदार इंसान बनाना है, जो सही-गलत का अंतर समझते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
मुख्यमंत्री गुरुवार को जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में डायोसीज ऑफ जम्मू-श्रीनगर एजुकेशन सोसाइटी के वार्षिक पुरस्कार समारोह 'ऑनर एंड एक्सीलेंस 2026' को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने श्रीनगर के बर्न हॉल स्कूल से जुड़ी अपनी स्कूली यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि सोसाइटी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 24 स्कूल संचालित कर रही है, जहां करीब 28 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और लगभग 1,600 लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्र चिंतन विकसित करने, निर्भीक होकर सवाल पूछने और जिज्ञासु बने रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई सवाल मूर्खतापूर्ण नहीं होता, बल्कि मूर्खतापूर्ण जवाब हो सकते हैं। सवाल पूछने वाली पीढ़ी ही व्यवस्था को जवाबदेह बनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
भाषण बनाने में ChatGPT और Gemini की लेते हैं मदद
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उमर अब्दुल्ला ने विद्यार्थियों को इसके जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए स्वीकार किया कि भाषण तैयार करने के दौरान वह भी कभी-कभी ChatGPT और Gemini की मदद लेते हैं।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक सीखने और समझने का माध्यम होनी चाहिए, न कि अपनी मेहनत, स्वतंत्र सोच और बौद्धिक क्षमता का विकल्प। विद्यार्थियों को अपना गृहकार्य और असाइनमेंट स्वयं करने चाहिए तथा एआई पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए।
शेर सुनाकर उमर ने युवाओं को दिया आगे बढ़ने का संदेश
युवाओं को उत्कृष्टता हासिल करने के साथ मानवीय मूल्यों से जुड़े रहने की सीख देते हुए मुख्यमंत्री ने मशहूर शेर सुनाया- 'खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछे, बता तेरी रज़ा क्या है।' उन्होंने कहा कि जीवन की तमाम उपलब्धियों से बढ़कर अच्छा इंसान बने रहना और दूसरों के साथ दया, करुणा व संवेदनशीलता से पेश आना सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी। सोसाइटी ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 99 प्रतिशत उत्तीर्ण परिणाम दर्ज किया। शिक्षा मंत्री शमीम फिरदौस ने मौलाना अबुल कलाम आजाद और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को याद किया।
इस अवसर पर बिशप इवान परेरा, फादर सेबेस्टियन नागाथुंकल और सोसाइटी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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