Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PoK को बड़ी चुनौतियों का करना पड़ रहा सामना, पुल निर्माण परियोजनाओं को लेकर सरकार के रवैये से जनता निराश

    Updated: Mon, 17 Jun 2024 07:37 PM (GMT+05:30)

    पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्‍मीर (Pakistan Occupied Kashmir) के लोगों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पीओजेके सरकार में मंत्री सरदार मीर अक ...और पढ़ें

    PoK (Pakistan Occupied Kashmir) के लोगों की बढ़ी मुसिबतें (फाइल फोटो)
    PoK (Pakistan Occupied Kashmir) के लोगों की बढ़ी मुसिबतें (फाइल फोटो)

    एएनआई, बाग/श्रीनगर। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर को हाल ही में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अपर्याप्त फंडिंग और बजटीय बाधाओं के कारण पुल परियोजनाओं में देरी हुई है। जिसके परिणामस्वरूप निर्माण गुणवत्ता से समझौता हुआ और महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को लागू करने में असमर्थता हुई।

    साथ ही पीओजेके सरकार में मंत्री सरदार मीर अकबर के प्रति भी जनता में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय लोग न केवल चैटर क्षेत्र में एक नए पुल की उनकी मांगों की उपेक्षा से नाखुश हैं, बल्कि उनके कार्यों से तनाव भी बढ़ रहा है।

    सरदार मीर अकबर से की गई थी ये अपेक्षा

    हाल की एक बैठक में सरदार ने कथित तौर पर उन लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया जो लंबे समय से प्रतीक्षित पुल के पूरा होने की वकालत कर रहे थे। यूनाइटेड फोरम बाग के अध्यक्ष सरदार जहांगीर ने कहा कि सरदार मीर अकबर से अपेक्षा की गई थी कि वे चैटर के निवासियों को राहत देंगे। वहां उनके हालिया भाषण परेशान करने वाले थे। उन्होंने लोगों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास किया।

    यह भी पढ़ें: Amarnath Yatra 2024: बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए जम्‍मू कश्‍मीर तैयार, जल्‍द दर्शन कर पाएंगे भक्‍त; देखें इस बार क्‍या है खास

    उन्होंने एक इंटरव्‍यू में कहा कि हम इस व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं और एक संदेश देना चाहते हैं। यदि 29 तारीख तक पुल के निर्माण पर पर्याप्त प्रगति नहीं हुई, तो हम सरदार मीर अकबर और पीओजेके सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन बढ़ाएंगे।

    खबरें और भी

    सरदार जहांगीर ने ये दिए आदेश

    इसके अलावा जनता में व्यापक निराशा है क्योंकि वे उम्मीद करते हैं कि सरकारी अधिकारी कम से कम उनकी मांगों के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित करेंगे। सरदार जहांगीर ने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी गैर-जिम्मेदाराना ढंग से बोलता है और स्थिति को खराब करता है तो परिणाम के लिए सरदार मीर अकबर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

    यह भी पढ़ें: Kargil Silver Jubilee Year: खेल मैदानों में युवाओं में जोश भर रही सेना, सुना रही शहीदों की वीरता के किस्से

    पीओजेके अपर्याप्त बुनियादी ढांचे से ग्रस्त है जो इसके निवासियों के लिए आर्थिक विकास और जीवन की गुणवत्ता में बाधा डालता है। भ्रष्टाचार इन चुनौतियों को और भी बढ़ा देता है, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए दिए गए धन को रिश्वतखोरी, भाई-भतीजावाद और गबन के माध्यम से निकाल लिए जाने की खबरें आती हैं।