राम मंदिर दान घोटाला: जम्मू-कश्मीर के सिंधी समाज की चांदी की ईंटों के उपयोग पर उठे सवाल, चिंता के बीच मांगी जानकारी
अयोध्या राम मंदिर के लिए सिंधी समाज द्वारा दान की गई 200 चांदी की ईंटों के उपयोग पर चिंताएं बढ़ीं, मंदिर दान में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के सिंधी समाज की चांदी की ईंटों के उपयोग पर उठे सवाल। फाइल फोटो
HighLights
सिंधी समाज ने राम मंदिर को 200 चांदी की ईंटें दान की थीं।
मंदिर दान में कथित अनियमितताओं पर चांदी के उपयोग की चिंता।
राजू मानवानी ने चांदी की रसीद और उपयोग की जानकारी मांगी।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। श्री राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच कास्टल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजू वी मानवानी ने सिंधी समाज की ओर से अयोध्या राम मंदिर को दान की गई 200 चांदी की ईंटों के उपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की है।
मानवानी ने बताया कि सिंधी समाज की ओर से 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक-एक किलोग्राम वजन की 200 चांदी की ईंटें सौंपी गई थीं। उन्होंने कहा कि दान सौंपते समय कोई रसीद नहीं दी गई थी और बाद में यह आश्वासन दिया गया था कि चांदी के उपयोग का निर्णय होने पर इसकी जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हाल ही में दान में कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद यह चिंता पैदा हुई कि कहीं मंदिर के लिए दी गई चांदी का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए तो नहीं किया गया। इसी कारण उन्होंने चांदी की प्राप्ति की रसीद और उसके उपयोग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
मानवानी ने कहा कि यदि मंदिर निर्माण के लिए दिया गया दान निर्धारित उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं हुआ है तो यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में दानदाताओं का विश्वास भी प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार दान के समय इस चांदी का मूल्य करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत 6 से 7 करोड़ रुपये के बीच है।
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उन्होंने कहा कि दानदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि उनके द्वारा दिया गया योगदान किस प्रकार उपयोग में लाया गया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि किसी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।