Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Srinagar News: हाई कोर्ट ने नाबालिग को दी गर्भपात की अनुमति, दुष्कर्म पीड़िता पांच माह की गर्भवती

    By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
    Updated: Thu, 23 Feb 2023 09:38 AM (GMT+05:30)

    नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने याचिका दायर कर पीड़िता के नाबालिग होने का हवाला देते हुए गर्भपात की अनुमति का आग्रह किया है। जिसके चलते जम्मू कश्म ...और पढ़ें

    हाई कोर्ट ने नाबालिग को दी गर्भपात की अनुमति
    हाई कोर्ट ने नाबालिग को दी गर्भपात की अनुमति

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति दी है। पीड़िता पांच माह की गर्भवती है। न्यायालय ने पीड़िता का नए सिरे से स्वास्थ्य परीक्षण कराने व गर्भपात से पूर्व पीड़िता के पिता की अनुमति लेने को कहा है।

    जानकारी के अनुसार, उत्तरी कश्मीर के एक पुलिस स्टेशन में 14 फरवरी को नाबालिगा से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का मामला दर्ज किया है।

    स्वास्थ्य जांच के लिए गठित किया बोर्ड

    पीड़िता के पिता ने याचिका दायर कर पीड़िता के नाबालिग होने का हवाला देते हुए गर्भपात की अनुमति का आग्रह किया है। जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने 17 फरवरी को पीड़िता के स्वास्थ्य जांच के लिए ललदेद अस्पताल श्रीनगर को बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। बोर्ड को तय करना है कि मौजूदा परिस्थितियों में गर्भपात सही है या नहीं।

    मौजूदा स्थिति गर्भपात के लिए बताई गई घातक

    बीते मंगलवार वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहसिन कादरी ने मेडिकल कालेज श्रीनगर में गायनकालोजी एंड ओबस्टिक्स विभाग अध्यक्ष द्वारा ललदेद अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को भेजी रिपोर्ट जमा कराई है। रिपोर्ट में लिखा कि पीड़िता 19 सप्ताह से गर्भवती है। मौजूदा स्थिति में गर्भपात घातक है। इसमें उसकी जान भी जा सकती है।

    यह भी पढ़ें - Jammu Kashmir News: 'प्रॉपर्टी टैक्स लगाना तानाशाही फरमान', केंद्र पर बरसे सुमित मगोत्रा

    अभिभावकों की अनुमति से हो गर्भपात

    उसका गर्भपात तभी किया जा सकता है,जब उसके अभिभावक और संरक्षक खतरे के बावजूद गर्भपात के लिए अनुमति दें। अदालत में पीड़िता के पिता ने सहमति देते हुए कहा कि वह किसी भी परिणाम के लिए तैयार है।

    खबरें और भी

    अदालत ने अधिकारियों को फिर पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद विशेषज्ञों की राय पर गर्भपात के लिए कहा है। गर्भपात के दौरान भ्रूण के डीएनए की जांच के लिए नमूनों को भी जमा किया जाए।

    यह भी पढ़ें - Jammu Kashmir News: जम्मू के तवी नदी से युवक का शव बरामद, छह दिन से चल रहा था सर्च ऑपरेशन