देवाल में भूस्खलन से 12 घंटे ठप रहा जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग, हजारों वाहन फंसे
उधमपुर के देवाल में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार देर रात 12 घंटे तक बंद रहा, जिससे 1700 से अधिक वाहन फंसे रहे। ...और पढ़ें
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देवाल में भूस्खलन से 12 घंटे बंद रहा जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग।
HighLights
देवाल में भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग 12 घंटे बंद
1700 से अधिक वाहन फंसे, एक लेन बहाल हुई
यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई
जागरण संवाददाता, उधमपुर। उधमपुर के देवाल इलाके में रविवार देर रात पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 12 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। राजमार्ग बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और उधमपुर से बनिहाल के बीच 1700 से अधिक ट्रक, बसों समेत बड़ी संख्या में यात्री वाहन फंस गए।
प्रशासन और संबंधित विभागों ने रात से ही युद्धस्तर पर बहाली अभियान चलाया, जिसके बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सिंगल लेन तैयार कर यातायात को सीमित रूप से बहाल किया जा सका। हालांकि, मार्ग खुलने के बाद भी वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही और वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए।
रविवार देर रात देवाल क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरे। मलबा गिरने से सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें रात में ही घटनास्थल पर पहुंचीं तथा मशीनरी की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
सड़क पर लगातार मलबा गिरने और ऊंचाई से पत्थर आने के खतरे के बीच कर्मचारियों और मशीन ऑपरेटरों ने रातभर काम किया। अधिकारियों की निगरानी में मलबा हटाने के साथ सड़क को यातायात योग्य बनाने का प्रयास जारी रहा। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक लेन तैयार होने के बाद राजमार्ग पर फंसे वाहनों को नियंत्रित तरीके से निकालना शुरू किया गया।
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सिंगल लेन खुलने के बाद पुलिस ने वाहनों को एक-एक कर आगे रवाना करना शुरू किया। राजमार्ग बंद रहने के दौरान दोनों तरफ फंसे करीब 1700 ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकाला जा रहा है। प्रशासन की ओर से यात्री वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि लंबे समय से फंसे यात्रियों को जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
सिंगल लेन बहाल होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू तो हो गई, लेकिन लंबे समय से दोनों ओर खड़े वाहनों के कारण राजमार्ग पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ गया। इसके चलते कई हिस्सों में जाम की स्थिति बन गई और वाहनों को काफी धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की टीमें यातायात को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में जुटी रहीं।
अधिकारियों के मुताबिक, एक ओर फंसे वाहनों को निकालने का काम चल रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का कार्य भी जारी है। मशीनरी और कर्मचारी लगातार मौके पर तैनात हैं, ताकि जल्द से जल्द हाईवे को सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह बहाल किया जा सके।
लगातार भूस्खलन का खतरा, यात्रियों से सफर टालने की अपील
देवाल क्षेत्र में अभी भी पहाड़ी से मलबा गिरने और ऊंचाई से पत्थर आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी जरूर हासिल करें।
प्रशासन ने यात्रियों को अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह देते हुए कहा है कि राजमार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी केवल जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट जम्मू, रामबन और श्रीनगर से प्राप्त की जाए।
नए वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क पूरी तरह बहाल होने और यातायात सामान्य होने तक जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन, पत्नीटाप और अन्य गंतव्यों की ओर नए वाहनों को रवाना नहीं किया जाएगा। इसी तरह श्रीनगर की ओर से जम्मू आने वाले नए वाहनों की आवाजाही पर भी अस्थायी रोक रहेगी। फिलहाल पुलिस की निगरानी में पहले से फंसे वाहनों को नियंत्रित तरीके से निकाला जा रहा है।
यात्री वाहनों को प्राथमिकता दिए जाने के बाद भारी मालवाहक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के साथ ही सड़क की मरम्मत पूरी कर राजमार्ग पर यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।