यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir News: इकोटूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, पंचैरी को पत्नीटॉप से जोड़ने के लिए 34.80 करोड़ की डीपीआर तैयार
Jammu and Kashmir Tourism पंचैरी में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। जम्मू संभाग के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पत्नीटॉप को ...और पढ़ें

HighLights
- पर्यटक पत्नीटॉप से सीधे पंचैरी की हसीन वादियों तक जा सकेंगे।
- पीडब्ल्यूडी की तरफ से 38.40 करोड़ रुपये में डीपीआर तैयार।
- पत्नीटॉप के साथ जुड़ने के बाद इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।
शेर सिंह, ऊधमपुर। Jammu and Kashmir Tourism पंचैरी में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। जम्मू संभाग के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पत्नीटॉप को पंचैरी के साथ जोड़ने के लिए सनासर से पंचैरी के लटयार तक 34.80 करोड़ रुपये में 9.35 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है और इसको बस मंजूरी मिलने का इंतजार है।
पर्यटक पत्नीटॉप से सीधे पंचैरी की हसीन वादियों तक जा सकेंगे
इस सड़क के बनने के बाद पर्यटक पत्नीटॉप से सीधे पंचैरी की हसीन वादियों( Pancheri Patnitop Ropeway Project) तक पहुंच सकेंगे। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार बढ़ेगा। जम्मू संभाग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक पंचैरी भी है। हालांकि अच्छी सड़क सुविधा नहीं होने के कारण बहुत कम पर्यटक ही पंचैरी तक पहुंचते हैं।
पीडब्ल्यूडी की तरफ से 38.40 करोड़ रुपये में डीपीआर तैयार
कैंथगली से पंचैरी तक सड़क इतनी ज्यादा खराब है कि पर्यटक जाने से परहेज करते हैं। इसलिए पंचैरी में आज तक उम्मीद के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल सका है। लेकिन अब इसको पत्नीटॉप के साथ जोड़ने की तैयारी है। 2023 में पीडब्ल्यूडी की तरफ से 38.40 करोड़ रुपये में इसकी डीपीआर तैयार की गई है।
पत्नीटॉप के साथ जुड़ने के बाद इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
इस सड़क का निर्माण नाबार्ड के तहत प्रस्तावित है। इसको मंजूरी के लिए सचिवालय भेजा गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद पंचैरी के लोग बहुत अधिक उत्साहित हैं और बेसब्री से इसको मंजूरी मिलने के इंतजार है। पंचैरी के पत्नीटॉप के साथ जुड़ने के बाद पंचैरी में इको टूरिज्म(Ecotourism) को बढ़ावा मिलगा।
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पर्यटक पंचैरी की हसीन वादियों को देखने के साथ ही स्थानीय वन्य जीवन, पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के रहन-सहन को देख सकेंगे। सनासर और लटयार के बीच ज्यादातर गुज्जर और गद्दी समुदाय के लोग रहते हैं।
इसके साथ ही बक्करवाल समुदाय के लोग पैदल ही मवेशियों के साथ आवाजाही करते हैं। पत्नीटॉप के पंचैरी के साथ जुड़ने के बाद पर्यटकों को गद्दी और गुज्जर समुदाय के रहन-सहन को देखने का अवसर मिलेगा।