Pushpa Murder Case में बोकारो एसपी का बड़ा एक्शन, पिंड्राजोरा थाना प्रभारी समेत थाने के सभी 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Pushpa Mahto Murder Case: बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने पिंड्राजोरा थाना के सभी 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक युवती के अपहरण और ...और पढ़ें

Pushpa Mahto Murder Case बोकारो का पिंड्राजोरा थाना भवन।
HighLights
Bokaro SP ने 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
Pushpa Mahto Murder Case में लापरवाही का आरोप।
पिंड्राजोरा थाने की पुलिस आरोपित को बचा रही थी।
जागरण संवाददाता, बोकारो। Bokaro SP Harvinder Singh ने पुष्पा महतो अपहरण और हत्या केस में पिंड्राजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन समेत थाना के सभी 28 अधिकारियों व कर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित होने वालों में थाने में तैनात दस सब इंस्पेक्टर, पांच सहायक अवर निरीक्षक, दो हवलदार व 11 सिपाही हैं।
24 जुलाई को गायब हुई थी युवती
युवती (Pushpa Mahto Murder Case) के गायब होने की सूचना उसकी मां ने 24 जुलाई, 2025 को दी थी। इस सूचना के बाद भी दसवें दिन चार अगस्त को इस मामले में थानेदार ने प्राथमिकी की थी। एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि कांड का खुलासा करने के लिए थाना प्रभारी अभिषेक रंजन की अगुवाई में एक एसआइटी का गठन किया गया था।
कांड का उद्भेदन नहीं होने पर एसपी ने बनाई दूसरी एसआइटी
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि एसआइटी ने दिए गए निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया। अनुसंधान के दौरान अभियोजन पक्ष को कमजोर करते हुए आरोपित को लाभ पहुंचाने के उदेश्य से कार्य किया जा रहा था। एसपी ने बताया है कि कांड का तुरंत उद्भेदन करने के लिए सिटी डीएसपी आलोक रंजन की अगुवाई में एक दूसरी एसआइटी बनाई गई।
दूसरी एसआइटी ने एक दिन में कर दिया उद्भेदन
दूसरी एसआइटी ने सिर्फ एक दिन में आरोपित को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर अपहृत युवती की मौत की गुत्थी सुलझा ली। हड्डी, बाल बरामद किया गया। उस चाकू को भी खोज निकाला गया जिससे युवती की आरोपित ने हत्या की थी। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी दिनेश और पुष्पा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे।
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पुष्पा लगातार शादी के लिए दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर दिनेश ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। उसने पुष्पा को चास कॉलेज बुलाने के बहाने झांसा दिया और वहां से पास के जंगल ले गया, जहां चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
आरोपित के साथ थाने में हुई थी पार्टी
एसपी के अनुसार इससे यह स्पष्ट हुआ कि थाना में पदस्थापित सभी कर्मी व अधिकारियों ने कांड का उद्भेदन करने में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। थाना की गोपनीयता भी नहीं बनाए रखा। आरोपित को बचाने के लिए रुपये के लेनदेन की शिकायत भी मिली। आरोपित के साथ थाना में पार्टी भी करने की सूचना मिली है। बता दें कि इस मामले में न्याय के लिए स्वजन हाई कोर्ट गए हैं। कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही पर सख्त आदेश दिया था।