Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बोकारो में खरीफ सीजन से पहले बीज की भारी किल्लत: 4025 क्विंटल की मांग, मिला सिर्फ 1100 क्विंटल

    Updated: Mon, 15 Jun 2026 01:03 AM (IST)

    बोकारो में खरीफ सीजन की शुरुआत में ही किसानों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जहां मानसून धीमा है और कृषि विभाग के पास पर्याप्त बीज नहीं हैं ...और पढ़ें

    एआई द्वारा बनाई गई तस्‍वीर।

    एआई द्वारा बनाई गई तस्‍वीर।

    HighLights

    1. बोकारो में खरीफ सीजन के लिए बीज की भारी किल्लत।

    2. गुणवत्ता जांच और प्रक्रिया के कारण जून अंत तक बीज संभव।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के किसानों के सामने खरीफ सीजन की शुरुआत में ही दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ जहां इस बार मानसून की रफ्तार धीमी है, वहीं दूसरी तरफ कृषि विभाग के पास अब तक पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध नहीं हो सका है। 
     
    धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने के लिए सबसे उत्तम माने जाने वाले रोहिणी नक्षत्र की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। प्री-माॅनसून की बारिश होने के बावजूद किसानों को अब तक सरकारी अनुदान (सब्सिडी) वाला बीज नहीं मिल पाया है, जिससे समय पर खेती शुरू करने को लेकर अन्नदाताओं की चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं।
     

    मांग और आवंटन में भारी अंतर, कागजी प्रक्रिया में अटका काम 

    बोकारो जिले के लिए खरीफ सत्र 2026 में विभिन्न फसलों के कुल 4,025 क्विंटल बीज की मांग राज्य मुख्यालय (रांची) को भेजी गई थी। इसके मुकाबले पहले चरण में जिले को मात्र 1,100 क्विंटल बीज का ही आवंटन प्राप्त हुआ है, जो कुल जरूरत का महज एक चौथाई (25%) हिस्सा है।

    वर्तमान में पैक्स, किसान उत्पादक संगठन और अधिकृत लैंप्स की ओर से डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। डीडी जमा होने के बाद ही संबंधित लैंप्स और केंद्रों तक बीजों की भौतिक आपूर्ति की जाएगी।
     

    गुणवत्ता जांच के बाद ही मिलेगा बीज, जून अंत तक की संभावना 

    कृषि विभाग के कड़े नियमों के अनुसार, गोदामों में बीज पहुंचने के बाद तुरंत वितरण नहीं किया जा सकता। 

    •     पहले होगी जांच: सबसे पहले बीजों के रैंडम सैंपल (नमूने) लेकर उन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला, रांची भेजा जाएगा। 
    •     कब तक मिलेगा बीज: प्रयोगशाला से बीजों की शुद्धता और अंकुरण क्षमता की जांच रिपोर्ट (फिटनेस सर्टिफिकेट) आने के बाद ही प्रखंड स्तर पर वितरण शुरू होगा। इस लंबी आधिकारिक प्रक्रिया को देखते हुए जून के अंतिम सप्ताह से पहले किसानों तक बीज पहुंचने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। 
    धान के अलावा मूंग, उड़द, अरहर, तिल और मूंगफली जैसे अन्य खरीफ बीजों की आपूर्ति भी अभी फाइलों और प्रक्रियाओं में ही अटकी हुई है।
     
    किसानों का साफ कहना है कि खेती का सबसे कीमती समय निकलता जा रहा है और यदि बिचड़ा तैयार करने में ज्यादा देरी हुई, तो इसका सीधा और प्रतिकूल असर इस साल के कुल फसल उत्पादन पर पड़ेगा।



    जिले को पहले चरण में 1,100 क्विंटल बीज का आवंटन मिला है। पैक्स एवं अन्य चयनित एजेंसियों द्वारा डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बीज आते ही इसके सैंपल जांच के लिए रांची भेजे जाएंगे और रिपोर्ट मिलते ही पारदर्शिता के साथ वितरण शुरू होगा। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    -

    मोहम्मद शाहिद, जिला कृषि पदाधिकारी, बोकारो

    खबरें और भी