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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    JAC 10th Result 2025: बेटियों का जलवा कायम, बेरमो की राजलक्ष्मी बनीं जिला टॉपर

    Updated: Tue, 27 May 2025 03:35 PM (IST)

    बेरमो कोयलांचल के विद्यार्थियों ने जैक 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है जिसमें बोकारो जिले के टॉप तीन छात्र शामिल हैं। कार्मेल हाई स् ...और पढ़ें

    बेरमो की राजलक्ष्मी बनी बोकारो टॉपर। (जागरण)
    बेरमो की राजलक्ष्मी बनी बोकारो टॉपर। (जागरण)

    HighLights

    1. बोकारो में बेरमो के छात्रों का दबदबा
    2. राजलक्ष्मी बनीं जिला टॉपर
    3. बिना ट्यूशन के मिली सफलता

    जागरण संवाददाता, बेरमो। जैक दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में बेरमो कोयलांचल के विद्यार्थियों ने सफलता का परचम लहराया है। बोकारो जिला में टाप तीन में तीनों बच्चे बेरमो कोयलांचल के हैं, जिसमें दो छात्राएं हैं।

    जिले के 95.78 विद्यार्थी सफल रहे और बोकारो जिला राज्य में छठे स्थान पर रहा। कार्मल हाई स्कूल बोकारो थर्मल की छात्रा राज लक्ष्मी जिला टॉपर बनी है। राजलक्ष्मी ने 97.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

    गणित और विज्ञान में 99 अंक, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान में 98 अंक तो हिंदी में 92 और संस्कृत में 91 अंक प्राप्त किए हैं।

    वहीं, हाई स्कूल तारानारी की छात्रा स्वीटी कुमारी 96 प्रतिशत अंक लाकर सेकंड जिला टॉपर बनी है। उसे संस्कृत में 99, गणित में 98, हिंदी और सामाजिक विज्ञान में 95, अंग्रेजी में 93 और विज्ञान में 92 अंक प्राप्त किए हैं।

    होसिर उच्च विद्यालय के छात्र अनिकेत प्रसाद 95.80 प्रतिशत अंक लाकर थर्ड जिला टॉपर बने। उसे अंग्रेजी में 98, गणित और सामाजिक विज्ञान में 96, विज्ञान में 95, हिंदी में 94 और संस्कृत में 89 अंक मिले हैं।

    राजलक्ष्मी के पिता मनोज कुमार हजारीबाग जिला में एक सर्फ कंपनी में सप्लाई कर्मी हैं। राजलक्ष्मी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा को लेकर उसने अलग से किसी प्रकार के ट्यूशन का सहारा नहीं लिया और खुद से ही तैयारी की।

    स्कूल में पढ़ाई के बाद उसका रिविजन कई बार घर पर किया, खासकर गणित और विज्ञान के सवालों को बेहतर तरीके से समझने के बाद ही उसका उत्तर लिखा।

    राजलक्ष्मी बोकारो थर्मल में ही अपनी मां और दादा के साथ रहती है। उनके पिता हजारीबाग में काम करते हैं। राजलक्ष्मी का लक्ष्य आगे चलकर इंजीनियरिंग करने के साथ सिविस सर्विसेज में जाना है।

    उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान मोबाइल से दूर रही। बताया कि ईमानदारी के साथ मेहनत करें तो सफलता जरूर मिलेगी। गणित और विज्ञान के सूत्र रटने से बेहतर है उसे समझना। इससे आसानी से सवालों का हल कर सकते हैं।