साइबर अपराध पर नया नियम: ₹2 लाख तक के मामले संबंधित थाना, इससे अधिक साइबर थाना में दर्ज
Bokaro News: बोकारो में मासिक अपराध गोष्ठी में डीएसपी ने जमानत पर छूटे अपराधियों की निगरानी और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।

बालीडीह थाना में थानेदारों के साथ बैठक करते डीएसपी पवन कुमार। (फोटो जागरण)
HighLights
जमानत पर छूटे अपराधियों की पुलिस करेगी लगातार निगरानी।
दो लाख से अधिक साइबर ठगी की FIR साइबर थाने में।
लंबित कांडों के अनुसंधान में तेजी लाने का दिया निर्देश।
जागरण संवाददाता, बोकारो। जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों की अब पुलिस लगातार निगरानी करेगी। यह आदेश मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बालीडीह थाना परिसर में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को दिया। बैठक में बालीडीह, माराफारी, साइबर थाना एवं बालीडीह ओपी के थाना प्रभारी के साथ-साथ सभी अनुसंधानकर्ता मौजूद थे।
बैठक के दौरान लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने, आरोपितों की गिरफ्तारी करने और कांडों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। अनुसंधानकर्ताओं को 60 एवं 90 दिनों की निर्धारित अवधि में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित करने को कहा गया।
साथ ही सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने बीट क्षेत्र में जमानत पर बाहर अपराधियों की सूची और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया, ताकि अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस पदाधिकारियों को नियमित गश्ती करने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया। गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से गश्ती की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। थाना पहुंचने वाले पीड़ितों और आम नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करने की हिदायत दी गई।
प्रत्येक बीट पदाधिकारी को सप्ताह में एक दिन निर्धारित विषय पर आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में दुर्घटना से जुड़े मामलों में समय पर मुआवजा प्रस्ताव भेजने तथा न्यायालय से प्राप्त वारंट एवं नोटिस का समय से तामीला कराने को कहा गया। अनुसंधान के दौरान अभियुक्त को दिए जाने वाले धारा 35(3) के नोटिस में एकरूपता लाने का भी निर्देश दिया गया।
साइबर अपराध के मामलों में दो लाख रुपये से कम की राशि वाले मामलों को संबंधित थाना में दर्ज करने और दो लाख रुपये से अधिक की राशि वाले मामलों को साइबर थाना में दर्ज करने को कहा गया।
अवैध गांजा, अफीम, शराब और पशु तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए भी पुलिस पदाधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान बालीडीह थाना के पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव और माराफारी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार के कार्यों की सराहना की गई।
दोनों पदाधिकारियों ने व्यक्तिगत रुचि लेकर छह-छह विशेष प्रतिवेदित कांडों का निष्पादन किया है। उनके कार्य को देखते हुए दोनों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी। सभी बीट पदाधिकारियों को इस सप्ताह बैंक पासबुक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग एक्सेस और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
