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    बोकारो इस्पात संयंत्र में CISF वाहनों की रफ्तार पर लगेगी लगाम, फायर व QRT वाहन रहेंगे नियम से बाहर

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:18 PM (IST)

    SAIL: बोकारो इस्पात संयंत्र में सीआइएसएफ कर्मियों के निजी वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए सेल प्रबंधन सक्रिय हो गया है। ...और पढ़ें

    बोकारो स्टील प्लांट का मुख्य द्वार। (प्रतीकात्मक फोटो)

    बोकारो स्टील प्लांट का मुख्य द्वार। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. सीआइएसएफ वाहनों की गति पर अब सेफ्टी विभाग का नियंत्रण।

    2. बोकारो इस्पात संयंत्र में सड़क दुर्घटना रोकने को पहल।

    3. क्यूआरटी, अग्निशमन वाहनों को इस नियम से छूट मिलेगी।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान व अधिकारियों के निजी वाहनों पर गति नियंत्रण बनाए रखने के लिए सेल प्रबंधन सक्रिय हो गई है। संयंत्र परिसर में सड़क दुर्घटना के संभावित खतरे को देखते हुए अब सीआइएसएफ कर्मियों के वाहन की गति का मापदंड सेफ्टी विभाग करेगा।

    ऐसे जवान व अधिकारी जो  संयंत्र परिसर में यातायात नियमों को ताक पर रखते हुए अपने वाहन को तेज गति से चलाते हुए पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई के लिए उनके संबंधित अधिकारी से पत्राचार किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा संयंत्र परिसर के अलग अलग स्थानों में लगाए गए व्हीकल स्पीड मॉनिटर सिस्टम से उनके वाहन के गति की जांच की जाएगी।

    जबकि संयंत्र परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर तैनात क्यूआरटी के वाहन तथा अग्निशमन विभाग के वाहनों को इस नियम की जद से बाहर रखा जाएगा। बोकारो इस्पात संयंत्र के अलग अलग पोस्ट व कार्यालय में तैनात सीआइएसएफ के अधिकारी व जवान अपने दो तथा चारपहिया वाहनों से आवाजाही करते है।

    इनमें कई ऐसे लोग है जो संयंत्र परिसर में काफी तेज गति से वाहन चलाते है, जो की यातायात नियमों के विरुद्ध है। इससे अन्य दिनों वनिस्पत बरसात के दिनों में सड़क दुर्घटना की संभावना काफी प्रबल हो जाती है।

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    इसलिए ऐसे लोगों के वाहन की गति पर लगाम लगाने के लिए अब उनके गति को स्पीड मॉनिटर के जरिए नियंत्रित किया जाएगा। वर्तमान समय में बोकारो इस्पात संयंत्र में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों के वाहन की गति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सेल प्रबंधन यह पहल पूर्व में ही प्रारंभ कर दी है।

    जहां संयंत्र परिसर में तेज गति से तथा नशे की हालत में वाहन चलाने वाले कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ दंड स्वरूप आर्थिक हर्जाना वसूलने का भी प्रावधान किया गया है।