Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बोकारो में SIR के दौरान चौंकाने वाला खुलासा, 1.32 लाख मतदाता कर गए पलायन; सामाजिक-आर्थिक बदलाव का भी संकेत

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:36 AM (IST)

    Bokaro News: बोकारो में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत 1.32 लाख मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए, जो लगभग दो लाख आबादी के पलायन का सं ...और पढ़ें

    रोजगार की तलाश में बोकारो से हो रहा पलायन। (प्रतीकात्मक फोटो)

    रोजगार की तलाश में बोकारो से हो रहा पलायन। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. 1.32 लाख मतदाता स्थायी रूप से बोकारो से अन्यत्र स्थानांतरित पाए गए।

    2. जिले में कुल 3.29 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।

    3. औद्योगिक के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी पलायन में वृद्धि हुई।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के आंकड़े केवल मतदाता सूची के संशोधन तक सीमित नहीं हैं। जिले में 1,32,300 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित पाए गए हैं। यदि एक परिवार में औसतन डेढ़ से दो मतदाता माने जाएं तो यह करीब दो लाख आबादी के बोकारो छोड़ने का संकेत देता है।

    यह भी संभव है कि इनमें से कई लोग अब बोकारो में वोटर नहीं रहना चाहते हों। इनमें सबसे अधिक 72,443 मतदाता बोकारो विधानसभा से हैं। बेरमो में 24,906, गोमिया में 19,591 तथा चंदनकियारी में 15,360 मतदाता इस श्रेणी में आए। बोकारो और बेरमो में यह स्थिति स्टील प्लांट, कोयला कंपनियों तथा अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होकर अपने मूल राज्यों में लौटने से जुड़ी मानी जा सकती है।

    लेकिन गोमिया और चंदनकियारी जैसे क्षेत्रों के आंकड़े बताते हैं कि अब ग्रामीण इलाकों से भी रोजगार और शिक्षा के लिए स्थायी पलायन बढ़ रहा है। एसआईआर के ये आंकड़े निर्वाचन विभाग के लिए मतदाता सूची को शुद्ध करने का माध्यम हैं, लेकिन सामाजिक दृष्टि से यह बोकारो के बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप की कहानी भी कहते हैं। 

    खासकर गोमिया और चंदनकियारी के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पलायन अब केवल औद्योगिक कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा। यदि यही प्रवृत्ति जारी रही तो आने वाले वर्षों में इसका असर जिले की अर्थव्यवस्था, श्रमशक्ति, शिक्षा, गांवों की आबादी और स्थानीय राजनीति पर भी दिखाई देगा।

    खबरें और भी

    इसलिए इन आंकड़ों का अध्ययन केवल चुनावी नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव के संदर्भ में भी किया जाना चाहिए।

    3.29 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटे

    सत्यापन के बाद जिले में 3,29,767 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। कुल 15,35,267 मतदाताओं में से 12,05,500 निर्वाचक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हुआ। हटाए गए मतदाताओं में मृत्यु, अनुपस्थित, स्थायी स्थानांतरण, अन्य कारण तथा पहले से दूसरे स्थान पर पंजीकृत मतदाता शामिल हैं।

    इससे मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाने का दावा किया गया है। सत्यापन के दौरान 1,12,388 मतदाता ऐसे मिले जो या तो लंबे समय से अनुपस्थित थे या उनका पता नहीं चल सका। इनमें सबसे अधिक 85,898 मतदाता बोकारो विधानसभा में हैं।

    बेरमो में 19,440, गोमिया में 3,902 तथा चंदनकियारी में 3,148 मतदाता इस श्रेणी में हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में लोग वर्षों से अपने दर्ज पते पर नहीं रह रहे थे। 

    41,850 मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए

    अभियान के दौरान जिले में 41,850 मृत मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए। इनमें बोकारो विधानसभा में 15,835, गोमिया में 9,454, बेरमो में 8,201 तथा चंदनकियारी में 8,360 मृत मतदाता पाए गए। यह प्रक्रिया स्थानीय सत्यापन और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पूरी की गई।

    सत्यापन में 22,113 मतदाता ऐसे मिले जिनका नाम पहले से किसी अन्य विधानसभा या निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज था। इनमें सबसे अधिक बोकारो में 8,046, गोमिया में 5,920, चंदनकियारी में 4,800 तथा बेरमो में 3,347 मतदाता शामिल हैं। दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करने के उद्देश्य से इनके नाम हटाए गए।

    निर्वाचन विभाग ने 21,116 मतदाताओं के नाम अन्य कारणों से भी हटाए हैं। इनमें अकेले बोकारो विधानसभा में 20,429 नाम शामिल हैं, जबकि गोमिया में 177, बेरमो में 137 और चंदनकियारी में 373 नाम अन्य कारणों की श्रेणी में रखे गए हैं। इस श्रेणी में तकनीकी त्रुटियां, दस्तावेज संबंधी विसंगतियां और अन्य प्रशासनिक कारण शामिल हैं।

    गोमिया के मूल आबादी वाले क्षेत्र का आंकड़े में भी बदलाव

    गोमिया विधानसभा में कुल 3,19,737 मतदाता हैं। इनमें 2,80,693 ईएफ डिजिटाइज किए गए और 39,044 नाम हटाए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां 19,591 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले। गोमिया को मूल निवासी आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यह आंकड़ा रोजगार और शिक्षा के लिए लगातार हो रहे पलायन की ओर संकेत करता है।

    बेरमो विधानसभा में कुल 3,31,728 मतदाता हैं। यहां 56,031 नाम हटाए गए, जिनमें 24,906 स्थायी रूप से स्थानांतरित हैं। कोयला उद्योग और सार्वजनिक उपक्रमों के कारण देशभर से आए कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद लौटने को इस आंकड़े का प्रमुख कारण माना जा सकता है।

    बोकारो में हुआ सबसे अधिक बदलाव

    बोकारो विधानसभा में 5,97,439 मतदाता हैं। यहां 2,02,651 नाम हटाए गए, जिनमें 72,443 स्थायी रूप से स्थानांतरित और 85,898 अनुपस्थित मतदाता हैं। यह जिला मुख्यालय और स्टील सिटी होने के कारण सर्वाधिक गतिशील आबादी वाला क्षेत्र है, जहां नौकरी, किरायेदारी और स्थानांतरण का असर सबसे अधिक दिखाई देता है।

    चंदनकियारी विधानसभा में 2,86,363 मतदाता हैं। यहां 32,041 नाम हटाए गए, जिनमें 15,360 स्थायी रूप से स्थानांतरित हैं। चंदनकियारी की पहचान ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में है। ऐसे में यहां भी बड़ी संख्या में मतदाताओं का बाहर बस जाना बताता है कि रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश अब गांवों से भी तेजी से हो रही है।