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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ग्रीन कार्डधारी गरीबों का मारा जा रहा हक, राशन का चावल मिलने में हो रही देरी, फरवरी का खाना सितंबर में नसीब

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Wed, 27 Sep 2023 10:48 AM (IST)

    झारखंड के ग्रीन कार्डधारी गरीब परिवार के लोग सरकारी अनाज नहीं मिल मिलने से परेशान हैं। राज्‍य में करीब 485806 लोग ऐसे हैं जो आठ महीने से राशन न मिलने ...और पढ़ें

    ग्रीन कार्डधारी गरीबों का राशन का चावल देने में विलंब।
    ग्रीन कार्डधारी गरीबों का राशन का चावल देने में विलंब।

    HighLights

    1. बोकारों में मात्र 25 प्रतिशत लोगों को ही दुकानदारों ने दिया अनाज।
    2. सरकार की महत्वाकांक्षी येाजना राशन देने में बेकार साबित हो रही।
    3. राशन दुकानों का चक्‍कर लगा-लगाकर थक हार घर लौट रहे गरीब।

    बीके पांडेय, बोकारो।  झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रीन कार्ड राशन योजना पूरी तरह से बेकार हो चुकी है। आठ माह से गरीब चावल के इंतजार में हैं। वर्तमान में राज्य में गरीबों को फरवरी माह का राशन मिल रहा है।

    सरकारी अनाज नहीं मिलने से परेशान लोग

    राज्य के 485806 ग्रीन कार्डधारी गरीब परिवार के लोग सरकारी अनाज नहीं मिल मिलने से परेशान हैं। आठ महीने से उन्हें सरकारी अनाज नहीं मिल रहा।

    जनवितरण प्रणाली के दुकानों का चक्कर लगा लगाकर परेशान हैं, लेकिन हर बार दुकानदारों से एक ही जवाब मिल रहा।

    एफसीआई गोदाम से ग्रीन राशन कार्ड धारकों के लिए अनाज ही नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार आवंटन नहीं दे रही है। इसके बाद वह हार कर घर लौट जा रहे हैं।

    आपूर्ति विभाग के पूरे सिस्‍टम में मची लूट

    करमा पूजा में उन्हें आशा थी कि उन्हें जरूर राशन मिल जाएगा। ग्रीन राशन कार्डधारियों को प्रत्येक सदस्य पांच किलो चावल ही मिलता है। वह भी बोकारो के आपूर्ति विभाग के पूरे सिस्टम में लूट मचा हुआ है। सबके सब गरीब का चावल लूटने में बेचैन हैं।

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    राशन खा जा रहे दुकानदार

    पूरे राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक ग्रीन कार्डधारकों को अनाज मिल चुका है। पर बोकारो के डीलर आम लोगों को भगा दे रहे हैं। अब तक पूरे जिले में मात्र 25.26 प्रतिशत लोगों को ही फरवरी माह का अनाज मिला है।

    जबकि पड़ोस के जिले रामगढ़ में 88.05 प्रतिशत लोगों को फरवरी माह का राशन मिल चुका है। दुकानदार इस फिराक में हैं कि अक्टूबर माह में जब मार्च का आवंटन मिल जाएगा तो एक माह का राशन देकर दूसरे माह का राशन खा जाएंगे।

    खबरें और भी

    जिला ग्रीन कार्डधारी फरवरी का वितरण
    बोकारो 29680 25.26
    चतरा  17940 75.39
    देवघर 21320 64.62
    धनबाद 40894 32.63

    दुमका

    20917 51.32
    पूर्वी सिंहभूम 30695 58.58
    गढ़वा 20299 21.17
    गिरिडीह 31794 20.34
    गोड्डा 20971 74.8
    गुमला 12568 80.79
    हजारीबाग 20119 82.71
    जामताड़ा 14579 76.38
    कोडरमा 9968 77.2
    लातेहार 10303 68.45
    लोहरदगा 8458 72.74
    पाकुड़ 14949 65.53
    पलामू 28191 36.77
    रांची 33838 21.98
    साहिबगंज 22620 74.03
    सरायकेला खरसावां 17752 61.19
    सिमडेगा 7202 64.45
    पश्चिमी सिंहभूम 29795 64.45
    खूंटी 9707 72.95

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