यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bokaro News: शंकर रवानी हत्याकांड का हुआ खुलासा, पुलिस ने मुख्य आरोपित राजू व अशोक समेत 5 अपराधी किए गिरफ्तार
पुलिस ने जिला बदर किए गए शंकर रवानी की हत्या के मामले को पूरी तरह से सुलझा लिया है और इस हत्याकांड की साजिश हरला थाना इलाके के महुआर बस्ती निवासी राजू ...और पढ़ें

HighLights
- एस पौंड पर वर्चस्व को लेकर राजू ने अशोक सम्राट की ली मदद
- अशोक ने अपने दोस्त बिहार के अमित मुखिया व विकास को दी हत्या की सुपारी
- अमित व विकास ने सिपुल महतो समेत अन्य शूटरों को बुलाकर करवा दी हत्या
जागरण संवाददाता, बोकारो। जिला बदर किए गए शंकर रवानी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। 18 जुलाई को एस पौंड पर वर्चस्व को लेकर हत्याकांड की साजिश हरला थाना इलाके के महुआर बस्ती निवासी राजू दुबे उर्फ राजेंद्र दुबे ने रची थी।
राजू दूबे ने इस काम को अंजाम दिलवाने के लिए गुरुद्वारा कालोनी चास निवासी अशोक कुमार सिंह उर्फ अशोक सम्राट से मदद ली। अशोक सम्राट ने शंकर रवानी की हत्या के लिए बिहार से अपने दोस्त अमित सिंह उर्फ मुखिया को बुलाया।
अमित ने अपने परिचित पटना निवासी विकास सिंह का साथ लिया। अमित व विकास ने बिहार के मोकामा निवासी प्रोफेशन शूटर सिपुल महतो को बुलाया। सिपुल ने अपने चार अन्य शूटरों के साथ मिलकर शंकर रवानी की हत्या कर दी। यह जानकारी एसपी पूज्य प्रकाश ने शनिवार को हरला थाना में दी।
शंकर रवानी एस पौंड में करता था काम
उन्होंने बताया कि राजू दुबे के साथ पहले शंकर रवानी एस पौंड में काम करता था। हाल के दिनों में शंकर दूसरे गुट के साथ काम करने लगा। इससे राजू दुबे का वर्चस्व एस पौंड पर समाप्त हो गया। इससे राजू दुबे ने शंकर रवानी की हत्या कराने की साजिश बनाई।
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बीते वर्ष नवंबर माह में वह सफल नहीं हो सका। शंकर को उस समय राजू दुबे के कहने पर ही शूटरों ने दो गोली मारी थी, लेकिन वह बच गया। इस बार फिर से फुलप्रूफ योजना बनीं।
दस लाख रुपये में हुआ था हत्या का सौदा
दस लाख रुपये में हत्याकांड को अंजाम दिलाने की सुपारी अशोक सम्राट के माध्यम से अमित मुखिया व विकास को दी गई। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद ही रुपयों को देने की बात तय हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में राजू दुबे व अशोक सम्राट के साथ महुआर बस्ती निवासी परिक्षित सिंह उर्फ राजा, श्याम कुमार रवानी और अमित कुमार रवानी को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपितों को अदालत के आदेश पर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में मंडल कारा चास भेज दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्याकांड में प्रयुक्त अपाचे बाइक सेवरले कार संख्या जेएच09भी-4374 और स्कार्पियो वाहन संख्या जेएच01बीबी-9206 समेत छह मोबाइल को जब्त किया है। एसपी ने बताया कि शंकर रवानी पर आधा दर्जन कांड दर्ज थे। उसे जिला बदर किया गया था।
शूटर ने सात दिन ठहरकर रेकी की
एसपी ने बताया कि बिहार से आए शूटरों को अशोक सम्राट ने शरण दी। राजू दुबे के कहने पर उसके गांव के पांच युवकों ने शंकर रवानी की हर गतिविधि पर नजर रखने का काम शुरू किया। इसमें गिरफ्तार आरोपित परिक्षित उर्फ राजा, श्याम कुमार रवानी और अमित हैं। तीन रेकी करने वालों की तलाश हो रही है।
ट्रांसपोर्टिंग का काम करना था अशोक को
एसपी ने बताया कि राजू दुबे ने यह कहा था कि एस पौंड पर वर्चस्व स्थापित हो जाने के बाद अशोक सम्राट ट्रांसपोर्टिंग का काम करेगा। 13-14 वाहन वह यहां अपना लगवा सकता है।
अमित मुखिया व बिहार पटना के विकास को हर माह पांच-पांच लाख रुपये मिलने वाला था। शूटरों को दस लाख रुपये हत्याकांड के लिए दिया जाना था।
ये थे पुलिस टीम में शामिल
एसपी ने बताया कि सिटी डीएसपी आलोक रंजन की अगुवाई में बनी टीम में प्रशिक्षु डीएसपी अमरेंद्र कुमार, प्रशांत कुमार, हरला थानेदार अनिल कश्यप, सिटी थाना इंचार्ज सुदामा दास, सेक्टर चार थाना इंचार्ज संजय कुमार, बालीडीह थाना इंचार्ज नवीन कुमार सिंह, सेक्टर बारह थनेदार सुभाष चंद्र सिंह, हरला थाना के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह, रवि कुमार, धनंजय कुमार, सुरेश यादव, कपिलमुनी राम, एससआइ अजय प्रसाद, उमेश कुमार, सुरेश रविदास समेत अन्य थे।