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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    JAC Board Result 2023:होमगार्ड के बेटे ने मैट्रिक परीक्षा में हासिल किया तीसरा स्थान, विज्ञान में मिले 100 अंक

    By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Tue, 23 May 2023 10:07 PM (GMT+05:30)

    JAC Board 10th Result 2023 कठिन परिश्रम और लगन से रामरुद्र प्लस टू हाई स्कूल चास के छात्र दीप मित्र ने अपने सपनों को हकीकत में तब्दील कर दिया है। दीप ...और पढ़ें

    अपने माता पिता के साथ चास राम रूद्र उच्च विद्यालय में उपस्थित दसवीं के जिला टॉपर दीप मित्र।
    अपने माता पिता के साथ चास राम रूद्र उच्च विद्यालय में उपस्थित दसवीं के जिला टॉपर दीप मित्र।

    HighLights

    1. होमगार्ड जवान के बेटे ने जैक मैट्रिक की परीक्षा में हासिल किया राज्य में तीसरा स्थान।
    2. दीप मित्र ने 488 अंक हासिल कर बोकारो में पहला तो राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है।
    3. दीप मित्र ने हिंदी में 98, अंग्रेजी में 99, गणित में 97, विज्ञान में 100 व सामाजिक विज्ञान में 94 अंक हासिल किया है।
    4. दीप मित्र ने का सपना इंजीनियर बनना है।

    जागरण संवाददाता, बोकारो: कठिन परिश्रम और लगन से रामरुद्र प्लस टू हाई स्कूल चास के छात्र दीप मित्र ने अपने सपनों को हकीकत में तब्दील कर लिया है। दीप मित्र ने जैक बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में 488 अंक हासिल किया है। दीप मित्र ने 488 अंक हासिल कर बोकारो में पहला तो राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है।

    दीप मित्र ने हिंदी में 98, अंग्रेजी में 99, गणित में 97, विज्ञान में 100 और सामाजिक विज्ञान में 94 अंक हासिल किया है। इनके पिता शिव शक्ति कालोनी चास निवासी महेश्वर मित्र होमगार्ड के जवान हैं और माता इतु मित्र गृहिणी हैं।

    बेटे की बेहतर शिक्षा के लिए किराए के मकान में रहता है परिवार

    चंदनकियारी प्रखंड के खेराबेड़ा गांव के रहने वाले महेश्वर मित्र अपने बेटे दीप मित्र को बेहतर शिक्षा प्रदान करना चाहते थे। इसके लिए वे अपने परिवार के साथ शिव शक्ति कॉलोनी चास में किराए के मकान में रहने लगे। यहां आने के बाद उन्होंने दीप का रामरुद्र प्लस टू हाई स्कूल चास में नामांकन कराया।

    आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण करना पड़ा संघर्ष

    दीप मित्रके पिता की आय बेहद कम है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण दीप मित्र को काफी संघर्ष करना पड़ा। हालांकि दीप मित्र ने चुनौतियों का सामना करते हुए कड़ी मेहनत की बदौलत अपनी मंजिल की ओर बड़ा कदम आगे बढ़ाया है।

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    इंजीनियर बनना चाहते दीप मित्र

    राज्य में तीसरे स्थान पर आने पर दीप मित्र ने कहा कि वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे कठिन परिश्रम कर रहे हैं। वह प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ाई करते हैं। दीप की परीक्षा से पहले तबीयत खराब हो गई थी, इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई से समझौता नहीं किया।

    माता-पिता शिक्षक को दिया सफलता का श्रेय

    दीप कहते हैं कि वे सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत पड़ने पर ही करते हैं। पिता की आय कम है, इसलिए जीवन में संघर्ष से नाता रहा है। दीप को पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट से लगाव है। इन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।