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    Mid-Day Meal में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बोकारो के 65 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 04:35 PM (IST)

    Mid-Day Meal SMS: बोकारो में मध्याह्न भोजन रिपोर्टिंग में लापरवाही बरतने वाले 65 सरकारी स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों का एक दि ...और पढ़ें

    स्कूलों में दोपहर का खाना खातीं छात्राएं। (प्रतीकात्मक फोटो)

    स्कूलों में दोपहर का खाना खातीं छात्राएं। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. बोकारो के 65 सरकारी स्कूलों पर हुई कार्रवाई।

    2. मध्याह्न भोजन रिपोर्टिंग में लापरवाही पर वेतन रुका।

    3. शिक्षकों से दो दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया।

    संवाद सहयोगी, कसमार( बोकारो)। झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले बोकारो जिले के 65 सरकारी स्कूलों पर गाज गिरी है। मामले में डीएसई,बोकारो ने कसमार, चास, गोमिया, जरीडीह और नावाडीह प्रखंड के चिह्नित विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

    इसमें जरीडीह के तीन विद्यालय, चास के 29 विद्यालय, गोमिया के पांच विद्यालय, नावाडीह के दो विद्यालय एवं कसमार प्रखंड के 26 विद्यालय शामिल हैं।

    कसमार प्रखंड मे जिन विद्यालयों को स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय कसमार, उत्क्रमित उच्च विद्यालय मधुकरपुर के अलावा नव प्राथमिक विद्यालय जुमरा, सोखाडीह, धूमधूमीटांड, करमाटांड, कटहल टोला हिसीम, कमारटोला सुरजूडीह, कोचागोडा, हरिजन टोला टांगटोना,शंकरडीह, करमाटांड, बन गजरा, तिलैयतरिया,नावाजारा,बालाबहियार, हरिजनटोला बगियारी,बरईखुर्द एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय चंडीपुर, मंझलाडीह, हिसीम, चौडा-दो, कुरको शामिल हैं।

    15 जुलाई को एसएमएस नहीं करने पर हुई कार्रवाई

    मिली जानकारी के अनुसार, विभागीय आदेश के बावजूद उक्त प्रखंडों के कई विद्यालयों द्वारा 15 जुलाई को मध्याह्न भोजन संचालन से संबंधित निर्धारित नंबरों पर दोपहर तक एसएमएस नहीं भेजा गया था।

    इसे घोर लापरवाही और निष्क्रियता मानते हुए विभाग ने संबंधित तिथि को स्कूल बंद माना है और उस दिन का मानदेय रोक दिया है।

    भारत सरकार स्तर से होती है मॉनिटरिंग

    जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा भारत सरकार द्वारा की जाती है। छात्रों का नामांकन और आच्छादन इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होता है।

    जिस दिन विद्यालय द्वारा एसएमएस नहीं किया जाता, केंद्र सरकार उस दिन स्कूल को बंद मान लेती है। शत-प्रतिशत उपलब्धि के निर्देशों के बाद भी शिक्षकों की इस लापरवाही से जिले की छवि धूमिल हो रही है।

    दो दिनों के भीतर मांगा स्पष्टीकरण

    डीएसई कार्यालय ने सभी प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को आदेश जारी होने के दो दिनों के भीतर अपने नियंत्री पदाधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

    पत्र में साफ कहा गया है कि जब तक शिक्षकों का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता, तब तक उनका स्थगित वेतन विमुक्त नहीं किया जाएगा।

     

    मध्याह्न भोजन योजना सीधे बच्चों के पोषण से जुड़ी है, जिसकी मॉनिटरिंग भारत सरकार द्वारा की जाती है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद 15 जुलाई को संबंधित स्कूलों द्वारा समय पर एसएमएस के माध्यम से रिपोर्ट नहीं भेजी गई। इसे घोर लापरवाही मानते हुए वरीय पदाधिकारी डीएसई ने संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों का एक दिन का वेतन स्थगित कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। बच्चों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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    प्रतिमा दास, बीईईओ, कसमार

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