SAIL में सीजीएम की बढ़ी जिम्मेदारी, अब अपने विभाग के साथ अन्य विभागों की कार्यप्रणाली भी परखेंगे
SAIL ने बोकारो इस्पात संयंत्र सहित अपनी इकाइयों में मुख्य महाप्रबंधकों (CGMs) के दायित्व बढ़ा दिए हैं, अब उन्हें अपने ...और पढ़ें

SAIL: बोकारो स्टील पलांट। (फाइल फोटो)
HighLights
सीजीएम अब अपने विभाग के अलावा अन्य विभागों की समीक्षा करेंगे।
सुरक्षा, उत्पादन और विभागीय कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शून्य दुर्घटना लक्ष्य और उत्पादन वृद्धि के लिए यह निर्णय।
जागरण संवाददाता, बोकारो। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड सेल के बोकारो इस्पात संयंत्र सहित अन्य इकाई में कार्यरत मुख्य महाप्रबंधक को अब अपने विभाग के अलावा उनके संबंधित इकाई के अन्य विभागों के कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करनी होगी।
इस दौरान उन्हें अपने विभाग के काम काज तथा सुरक्षा व्यवस्था के तरीके के साथ दूसरे विभाग के कार्यप्रणाली पर फोकस करना होगा। इसमें जो भी खामियां या खुबियां उन्हें नजर आएगी, इसकी रिपोर्ट सीधे तौर पर सेल मुख्यालय नई दिल्ली को तलब होगी। जहां दिए गए रिपोर्ट के आधार पर कंपनी प्रबंधन अपनी ओर से आगे की कार्रवाई करेगी।
इसकी शुरूआत बोकारो इस्पात संयंत्र से कर दी गई है, जहां अलग अलग विभाग के सीजीएम को निर्देश दिया गया है की वे अपने संबंधित विभाग के अलावा दूसरे अन्य विभाग में जाकर वहां के सुरक्षा, उत्पादन तथा विभागीय कार्यप्रणाली की देख रेख महीने दो महीने में एक बार अवश्य करें।
इससे उनके विभाग में जो भी खामियां या खुबियां है, वह एक दूसरे के विचारों के आदान प्रदान से दूर या दुरूस्त किया जा सकेगा। जिसकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा मसौदे को दी गई है। प्रबंधन यह निर्णय कंपनी में दुर्घटना के शून्य लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ अपने उत्पादन की गति में होने वाली अनावश्यक बाधा को दूर करने के लिए ली है।
वरिष्ठ अधिकारी भी करेंगे नियमित कर मुआयना
महारत्न कंपनी सेल में काम करने वाले अधिशासी निदेशक व अन्य वरीय अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से अपने संबंधित विभाग के अलावा दूसरे अन्य विभाग तथा दूसरे इकाई का समय समय पर मुआयना करते रहें। इसमें पहली प्राथमिकता सेल के विभिन्न इस्पात संयंत्र तथा माइंस की इकाई को दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों को इन इकाई में दौरा कर वहां काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी, ठेका श्रमिक की मूलभूत समस्या को सुनने तथा जानने के साथ इसके स्थायी समाधान के लिए अपने स्तर से निर्देशित किया गया है। इसके बाद यह साफ हो गया की है की नई दिल्ली मुख्यालय में तैनात सेल के सभी कार्यवाहक निदेशक नियमित रूप से संयंत्र के अलग अलग इकाई का दौरा करेंगे।
बता दे की सेल प्रबंधन इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 हजार करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखी है। जिसे टीम वर्क के साथ बेहतर उत्पादन कर के ही प्राप्त किये जाने की संभावना है। इसलिए सेल के सीएमडी डा. अशोक कुमार पंडा अपने सभी कर्मचारी, अधिकारी व ठेका श्रमिकों को एक साथ मिलकर इस चुनौती का सामना करने का आग्रह कर रहे है।
