दामोदर नदी का अस्तित्व खतरे में! सरयू राय ने अवैध खनन पर सीबीआई जांच की मांग उठाई
Damodar River: झारखंड विधानसभा की पर्यावरण बचाओ समिति के अध्यक्ष सरयू राय ने दामोदर नदी में बढ़ते प्रदूषण और अवैध कोयला खनन पर चिंता जताई है। ...और पढ़ें

विधायक सरयू राय और देवेंद्र कुंवर।(फोटो जागरण)
HighLights
सरयू राय ने दामोदर नदी प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई।
अवैध कोयला खनन से नदियों का अस्तित्व खतरे में।
प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग।
संवाद सूत्र, फुसरो (बोकारो)। झारखंड विधानसभा की पर्यावरण बचाओ समिति के अध्यक्ष सह जमशेदपुर पूर्वी विधायक Saryu Roy सरयू राय ने दामोदर नदी में बढ़ते प्रदूषण और अवैध कोयला खनन पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धनबाद और बोकारो क्षेत्र की नदियों का अस्तित्व संकट में है।
समिति के पदाधिकारी सह जरमुंडी विधायक Devendra Kunwar देवेंद्र कुंवर भी उनके साथ मौजूद थे। सरयू राय ने कहा कि अवैध खनन अब दामोदर नदी तक पहुंच चुका है और कई स्थानों पर नदी के भीतर तथा किनारों पर कोयला निकाला जा रहा है, जिससे नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित हो रही है।
जमुनिया, कतरी और गरगा नदी की स्थिति पर जताई चिंता
पर्यावरण बचाओ समिति के निरीक्षण के दौरान जमुनिया, कतरी और गरगा नदी की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। सरयू राय ने बताया कि समिति ने चतरा, कोडरमा, धनबाद और बोकारो जिलों का दौरा कर पर्यावरणीय हालात का जायजा लिया है।
बोकारो में गरगा नदी तथा बीटीपीएस के ऐश पॉन्ड से निकलने वाली राख की भी जांच की गई। उन्होंने कहा कि नदियों में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण स्थानीय पारिस्थितिकी और जनजीवन के लिए खतरा बनता जा रहा है।
ऐश पॉन्ड प्रबंधन में लापरवाही पर उठाए सवाल
सरयू राय ने कहा कि थर्मल पावर संयंत्रों से निकलने वाली राख का सुरक्षित निस्तारण करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइपलाइन फटने जैसी घटनाओं के कारण बार-बार राख नदियों में पहुंच रही है, जो गंभीर लापरवाही का उदाहरण है।
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उन्होंने डीवीसी और सीसीएल की गतिविधियों से फैल रहे प्रदूषण पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि कई स्थानों पर एसटीपी और अन्य पर्यावरणीय मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन के ऐश पॉन्ड को लेकर भी समिति ने चिंता व्यक्त की।
अवैध कोयला खनन की सीबीआई जांच की होगी मांग
अवैध कोयला खनन के मुद्दे पर सरयू राय ने प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन संभव नहीं है। शिकायतों के बावजूद कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे अवैध कारोबारियों का मनोबल बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण और राजस्व को हो रहे नुकसान को देखते हुए विधानसभा के माध्यम से अवैध कोयला खनन की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
दामोदर झारखंड की प्रमुख नदी
दामोदर नदी पूर्वी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है। यह झारखंड की प्रमुख नदी है। इसे कभी-कभी "बंगाल का शोक" भी कहा जाता था, क्योंकि पहले इसमें आने वाली बाढ़ से भारी तबाही होती थी।
दामोदर नदी का उद्गम और प्रवाह
- उद्गम: Chota Nagpur Plateau के लातेहार जिले के निकट खमरपाट क्षेत्र से।
- कुल लंबाई: लगभग 592 किलोमीटर।
- यह मुख्य रूप से Jharkhand और West Bengal से होकर बहती है।
- अंत में यह Hooghly River में मिल जाती है।
दामोदर नदी किनारे के प्रमुख शहर/क्षेत्र
झारखंड में
- Bokaro
- Chandrapura
- Phusro
- Dhanbad (जिले का बड़ा हिस्सा दामोदर बेसिन में आता है)
- Ramgarh
पश्चिम बंगाल में
- Asansol
- Raniganj
- Durgapur
- Bardhaman
प्रमुख सहायक नदियां
- Barakar River
- Konar River
- Bokaro River
- Jamunia River
- Katri River
दामोदर घाटी की प्रमुख परियोजनाएं
- Maithon Dam
- Panchet Dam
- Konar Dam
- Damodar Valley Corporation द्वारा संचालित कई जलाशय और बिजली परियोजनाएं।
दामोदर नदी झारखंड के लातेहार क्षेत्र से निकलकर रामगढ़, बोकारो, धनबाद और पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र से होते हुए हुगली नदी में मिलती है।