यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UPSC Result 2024: अखबार बेचकर बेटे को पढ़ाया, अब यूपीएससी में सफल होकर रच दिया इतिहास
यूपीएससी रिजल्ट 2024 में बोकारो के राजकुमार महतो ने 557वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अखबार बेचकर बेटे को पढ़ाने वाले रामपद महतो ...और पढ़ें

HighLights
- राजकुमार महतो एक साधारण लेकिन जुझारू परिवार से आते हैं।
- राजकुमार की पढ़ाई चास स्थित जीजीपीएस स्कूल से हुई।
- राजकुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों को दिया।
जागरण संवाददाता, बोकारो। संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2024 (UPSC Result 2024) के परीक्षा परिणाम में बोकारो जिले के चास प्रखंड के तियाड़ा गांव के राजकुमार महतो ने 557वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और सपनों को साकार करने की मिसाल है।
राजकुमार महतो एक साधारण लेकिन जुझारू परिवार से आते हैं। उनके पिता रामपद महतो कभी कपड़े सिलने का काम करते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने अखबार बेचने का कार्य शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को बेहतर शिक्षा देने का सपना नहीं छोड़ा। आज वही सपना राजकुमार की मेहनत और लगन से साकार हो गया।
शुरुआत से सिविल सेवा का सपना:
राजकुमार की प्रारंभिक से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई चास स्थित जीजीपीएस स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर इग्नू से एमए की पढ़ाई पूरी की।
यूपीएससी की यह उनकी तीसरी कोशिश थी और दूसरी बार उन्हें इंटरव्यू तक पहुंचने का मौका मिला। इस बार उनका इंटरव्यू संजय वर्मा साक्षात्कार बोर्ड के तहत हुआ था।
परिवार और शिक्षकों को दिया श्रेय:
राजकुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रामपद महतो, माता राधिका देवी, बड़ी बहनें अंजली और रेणु, तथा अपने शिक्षकों को दिया।
दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी सफलता सिर्फ मेरी नहीं, मेरे पूरे परिवार की है। मेरे पिता ने जिस तरह संघर्ष किया, वह मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी, इसलिए मैं भी डटा रहा।
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राजकुमार की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि उनके गांव तियाड़ा और पूरे बोकारो जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यह कहानी बताती है कि अगर संकल्प मजबूत हो और मेहनत सच्ची, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता।