80 की उम्र, 20 साल का जज्बा! चतरा के देवकी महतो आज भी रोजाना करते है 10 किमी तक का सफर
80 वर्षीय देवकी महतो चतरा के गिद्धौर में अपनी पुरानी साइकिल से प्रतिदिन 8-10 किमी की दूरी तय कर आत्मनिर्भरता का उदाहरण पेश कर रहे हैं। वे साइकिल की सी ...और पढ़ें

80 वर्षीय देवकी महतो अपनी पुरानी साइकिल से सक्रिय। जागरण
HighLights
80 वर्षीय देवकी महतो अपनी पुरानी साइकिल से सक्रिय।
साइकिल के करियर पर बैठकर तय करते हैं 8-10 किमी।
लक्ष्मण दांगी, गिद्धौर (चतरा)। बढ़ती उम्र जहां अधिकांश लोगों के कदमों की रफ्तार धीमी कर देती है, वहीं गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय के 80 वर्षीय देवकी महतो आज भी अपने जज्बे और आत्मनिर्भरता से लोगों के लिए मिसाल बने हुए हैं। उनके जीवन का सबसे भरोसेमंद साथी कोई आधुनिक वाहन नहीं, बल्कि उनकी पुरानी साइकिल है। यही साइकिल उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुकी है।
दिलचस्प बात यह है कि देवकी महतो साइकिल की सीट पर नहीं, बल्कि पीछे लगे करियर पर बैठकर साइकिल चलाते हैं। वर्षों से उन्होंने इसी अंदाज को अपनी आदत बना लिया है। इसी साइकिल के सहारे वे प्रतिदिन करीब 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने खेत, खलिहान, पाही और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं तथा खेती-बाड़ी सहित अपने सभी कार्य स्वयं करते हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर भी देवकी महतो का उत्साह किसी युवा से कम नहीं है। वे समय पर खेतों की देखरेख करते हैं और अपने दैनिक कार्य बिना किसी सहारे के पूरा करते हैं। उनका मानना है कि नियमित श्रम, सादगीपूर्ण जीवन और साइकिल से सफर ने ही उन्हें आज भी सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखा है।
गांव में जब भी लोग उन्हें साइकिल के करियर पर बैठकर सहजता से आते-जाते देखते हैं तो कुछ पल ठहरकर उन्हें निहारते हैं।उनका यह अनोखा अंदाज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। युवा भी उनके अनुशासन, मेहनत और फिटनेस से प्रेरणा लेते हैं।
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80 वर्ष की उम्र में भी देवकी महतो यह साबित कर रहे हैं कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। उनके लिए साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न साथी बन चुकी है।