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    चतरा के 42 सरकारी स्कूलों में बाउंड्री नहीं, मवेशियों और असामाजिक तत्वों का लगा रहता है डेरा

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 04:54 PM (IST)

    गिद्धौर प्रखंड के 42 सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, साथ ही कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गिद्धौर के 42 सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी नहीं।

    2. जर्जर भवन और सड़क किनारे बच्चों की सुरक्षा खतरे में।

    3. डीएमएफटी मद से चारदीवारी निर्माण की मांग तेज।

    लक्ष्मण दांगी, गिद्धौर(चतरा)। प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ रहा है। प्रखंड के कुल 59 सरकारी विद्यालयों में से 42 विद्यालय आज भी चारदीवारी से वंचित हैं। यहां तक की कई विद्यालयों के भवन काफी जर्जर हो चुकी है।

    वैसे में जर्जर भवन व चारदीवारी नहीं होने के कारण विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों व ग्रामीणों में चिंता बनी रहती है। विशेष रूप से सड़क किनारे स्थित विद्यालयों में पढ़ाई के दौरान बच्चों के सड़क पर निकल जाने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।

    ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों में चारदीवारी नहीं होने से मवेशियों का प्रवेश, असामाजिक तत्वों की आवाजाही तथा विद्यालय परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने में भी परेशानी होती है। कई विद्यालयों में खेलकूद व प्रार्थना सभा के दौरान भी बच्चों की सुरक्षा प्रभावित होती है।

    डीएमएफटी मद से निर्माण की उठी मांग

    ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीएमएफटी (जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास) मद से सभी चारदीवारी विहीन विद्यालयों में शीघ्र चारदीवारी का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि इससे विद्यालयों का वातावरण सुरक्षित होगा और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

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    इन विद्यालयों में नहीं है चारदीवारी

    चारदीवारी विहीन विद्यालयों में मंझगांवा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय महुआपुर,सूर्याटांड़, कुबरी,सिंदुआरी खुर्द,घटेरी, पूर्णाडीह,मंझगांवा व हदहदवा शामिल हैं।बारिसाखी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय पांडेयमहुआ, आमीन, मायाडीह, ब्रह्मपुर मोड़ तथा मध्य विद्यालय नयखाप व रूपीन में भी चारदीवारी नहीं है।

    इसी प्रकार गिद्धौर पंचायत के चंदाबांध,सियारी, रतनपुर व जपुआ, पहरा पंचायत के मध्य विद्यालय मारंगी, बरटा, किरकिरा तथा प्राथमिक विद्यालय रोहमर, खलारी, पांडेयटांड़, पांडेयबागी, सालिमपुर और केंदुआ चारदीवारी से वंचित हैं।

    वहीं बारियातू पंचायत के महुआटांड़, मसूरिया, सिमरातरी,बॉय, नयाटोला रमनाबांध, भुरकुंडा, मध्य विद्यालय लुब्धिया तथा प्राथमिक विद्यालय बंदिया,उमाढ़ाकी, चिरैया,जमुआ और लोहड़ी में भी चारदीवारी का अभाव है। द्वारी पंचायत के जोंकाही, बलबल और प्राथमिक विद्यालय ओबरीडीह भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते चारदीवारी का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन से शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग तेज हो गई है।

    बगैर चारदीवारी वाले विद्यालयों की सूची जिला को भेजी जा चुकी है। निर्देश मिलने के पश्चात जल्द ही प्राक्कलन तैयार कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

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    राहुल देव, प्रखंड विकास पदाधिकारी,गिद्धौर