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    चतरा मॉब लिंचिंग: मूकदर्शक बनी पुलिस पर बड़ी कार्रवाई, दो दारोगा समेत चार निलंबित; 12 अरेस्ट

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 09:18 AM (IST)

    चतरा में मॉब लिंचिंग मामले में एसपी ने दो दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। पुलिस पर भीड़ से पीड़ित को बचाने में लापरवाही बरतने का आरो ...और पढ़ें

    अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई।

    अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई।

    HighLights

    1. एसपी ने मॉब लिंचिंग मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित किए।

    2. पुलिस पर भीड़ से पीड़ित को बचाने में लापरवाही का आरोप।

    3. 12 आरोपी गिरफ्तार, शेष की तलाश में छापेमारी जारी।

    जागरण संवाददाता, चतरा। टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर युवक मो. इमरोज की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दुष्कर्म के आरोप पर भीड़ उग्र थी।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मो. इमरोज और उसके पिता सुल्तान मियां को उग्र भीड़ से बचाने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं करने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक ने दैनिक जागरण को बातचीत में बताया कि टंडवा थाना के अवर निरीक्षक सुनील सिंह एवं दुलारी पूर्ति तथा आरक्षी दशरथ महतो और प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

    निलंबन अवधि में चारों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, चतरा निर्धारित किया गया है तथा इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया गया है। एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि बड़गांव में नाबालिग लड़की के अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोप को लेकर उग्र ग्रामीणों ने पिता-पुत्र के साथ मारपीट की थी।

    सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर त्वरित कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों से मिली शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच के लिए टंडवा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को जांच का दायित्व सौंपा गया था।

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    जांच रिपोर्ट की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि मौके पर तैनात पुलिस पदाधिकारी एवं जवान भीड़ से दोनों को सुरक्षित निकालने के लिए अपेक्षित एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके। मारपीट में गंभीर रूप से घायल मो. इमरोज और उनके पिता को अस्पताल भेजा गया था।

    बाद में इमरोज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे शेख भिखारी मेडिकल किलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    एसपी ने बताया कि माब लिंचिंग मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

    कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी : एसपी

    पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। कर्तव्य निर्वहन में किसी भी स्तर की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नहीं है।

    दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं माब लिंचिंग में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक पुलिस का अभियान लगातार चलता रहेगा।