चतरा में मजदूरी अटकी तो थमी जी-राम-जी योजना, मजदूरों ने बनाई दूरी; राज्य स्तर पर एफटीओ समस्या बनी वजह
राज्य सरकार स्तर पर एफटीओ समस्या के कारण जी-राम-जी योजना के तहत मजदूरों के मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है। इससे मजदूरों का योजना के प्रति रुझान कम ह ...और पढ़ें
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आम बागवानी योजना की फाइल फोटो
HighLights
जी-राम-जी योजना में मजदूरों का भुगतान लंबित।
राज्य स्तर पर एफटीओ समस्या बनी मुख्य वजह।
मजदूरों में असंतोष, ग्रामीण विकास पर असर।
लक्ष्मण दांगी, गिद्धौर(चतरा)। राज्य सरकार स्तर पर एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) की समस्या का समाधान नहीं होने से जी-राम-जी योजना के तहत मजदूरों के मजदूरी भुगतान पर संकट गहरा गया है।
भुगतान लंबित रहने के कारण मजदूरों का योजना के प्रति रुझान लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा असर मजदूरों के डिमांड पर भी देखने को मिल रहा है। गिद्धौर प्रखंड में जुलाई के प्रथम सप्ताह से अब तक महज 157 मजदूरों का ही डिमांड स्वीकृत हो सका है, जबकि पहले की तुलना में यह संख्या काफी कम बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, राज्यभर में एफटीओ से जुड़ी तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या के कारण मजदूरों की मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। कई मजदूरों की मजदूरी लंबित होने से उनमें असंतोष है।
भुगतान नहीं मिलने के कारण मजदूर अब योजना में काम करने से हिचक रहे हैं और डिमांड देने में भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं।प्रखंड क्षेत्र में फिलहाल प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना तथा हाल ही में स्वीकृत आम बागवानी योजना के कार्यों में ही सीमित संख्या में मजदूरों का डिमांड चल रहा है। अन्य योजनाओं में मजदूरों की भागीदारी लगभग ठप पड़ गई है। इससे ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए तो अधिक संख्या में मजदूर योजना से जुड़ेंगे। मजदूरों का भरोसा बनाए रखने के लिए लंबित भुगतान का शीघ्र निपटारा आवश्यक है।
दूसरी ओर, प्रखंड स्तर के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान से संबंधित मामला राज्य स्तर पर लंबित है। जैसे ही एफटीओ की समस्या का समाधान होगा, मजदूरों के खातों में मजदूरी की राशि भेज दी जाएगी।भुगतान में हो रही देरी के कारण एक ओर मजदूर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना की गति भी प्रभावित हो रही है। अब मजदूरों और जनप्रतिनिधियों की नजर राज्य सरकार द्वारा इस समस्या के शीघ्र समाधान पर टिकी हुई है। बताया जाता है कि झारखंड और बिहार को छोड़कर शेष सभी राज्यों में मजदूरों का एफटीओ किया जा रहा है।
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एफटीओ का मामला राज्य सरकार का है। इस विषय में मैं कुछ नहीं बोल सकता।
राहुल देव, प्रखंड विकास पदाधिकारी, गिद्धौर।