चतरा के इटखोरी में 5 एकड़ में बनेगा साइंस सेंटर, जल्द चिह्नित की जाएगी जमीन
चतरा जिले के इटखोरी में छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए पांच एकड़ में भव्य साइंस सेंटर बनेगा। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
इटखोरी में पांच एकड़ का भव्य साइंस सेंटर बनेगा।
छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना मुख्य उद्देश्य।
चतरा जिला बनेगा आधुनिक एजुकेशनल हब।
पंकज सिंह, इटखोरी (चतरा)। चतरा जिले के छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।
इटखोरी प्रखंड में कुल पांच एकड़ भूमि पर एक भव्य और अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है।
उपायुक्त रवि आनंद ने इसके लिए इटखोरी के सीओ सविता सिंह को पांच एकड़ भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश जारी किया है।
उपायुक्त के निर्देश के बाद अंचल प्रशासन ने सरकारी और उपयुक्त गैर-मजरूआ जमीन की तलाश शुरू कर दी है। जैसे ही सीओ द्वारा जमीन के चयन की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी। संबंधित विभाग द्वारा साइंस सेंटर की रूपरेखा और प्राक्कलन तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा।
शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बनेगा इटखोरी
मां भद्रकाली की पावन नगरी इटखोरी अब तक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए देश-दुनिया में जानी जाती थी लेकिन इस भव्य जिला विज्ञान केंद्र के बन जाने से यह क्षेत्र अब शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के बड़े केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
इस विकास से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा बल्कि चतरा जिला राज्य के मानचित्र पर एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में स्थापित होगा।
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धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में इटखोरी का यह विकास बेहद सराहनीय है। साइंस सेंटर बनने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और क्षेत्र की पहचान बदलेगी।
देवकुमार सिंह, बुद्धिजीवी एवं समाजसेवी।
यह चतरा के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। अब हमारे बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अपने गृह जिले में मिलेंगी, जिससे उनका मानसिक और वैज्ञानिक विकास तेजी से होगा।
ललित मोहन चौधरी, स्थानीय शिक्षक, इटखोरी
उपायुक्त महोदय के निर्देशानुसार इटखोरी प्रखंड अंतर्गत उपयुक्त पांच एकड़ सरकारी या गैर-मजरूआ भूमि को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंचल हल्का कर्मचारी और अंचल अमीन को जल्द से जल्द जमीन की मैपिंग और रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। हमारी प्राथमिकता ऐसी भूमि का चयन करने की है जो मुख्य सड़क के नजदीक हो। ताकि विभिन्न विद्यालयों से आने वाले छात्र-छात्राओं को वहां आवागमन में कोई असुविधा न हो। जमीन का चयन होते ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
सविता सिंह, अंचलाधिकारी, इटखोरी।