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    बिना मजदूर, ऐप से खेल! मनरेगा घोटाले की खबर पर जागा चतरा प्रशासन, दोषियों पर FIR की तैयारी

    Updated: Tue, 09 Jun 2026 06:46 PM (IST)

    चतरा जिला प्रशासन ने मनरेगा में एनएमएमएस ऐप के जरिए मजदूरों की फर्जी हाजिरी के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। दैनिक जागरण की पड़ताल के बाद यह कार्रवा ...और पढ़ें

    बिना मजदूर, ऐप से खेल! मनरेगा घोटाले की खबर पर जागा चतरा प्रशासन (AI Generated Image)

    बिना मजदूर, ऐप से खेल! मनरेगा घोटाले की खबर पर जागा चतरा प्रशासन (AI Generated Image)

    HighLights

    1. मनरेगा में एनएमएमएस ऐप से फर्जी हाजिरी का खुलासा।

    2. दैनिक जागरण की रिपोर्ट पर चतरा प्रशासन सक्रिय हुआ।

    3. उप विकास आयुक्त ने जांच के लिए दिए सख्त आदेश।

    जागरण संवाददाता, चतरा। मनरेगा में एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) ऐप के जरिए मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाने के मामले में दैनिक जागरण की पड़ताल का बड़ा असर देखने को मिला है। अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त सह मनरेगा के अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक ने हंटरगंज, कुंदा, मयूरहंड और प्रतापपुर प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जांच का निर्देश जारी किया है।

    निर्देश में कहा गया है कि मनरेगा में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए उपयोग किए जाने वाले एनएमएमएस ऐप के क्लोन ऐप, तकनीकी छेड़छाड़ और मालवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर फर्जी हाजिरी बनाई जा रही है।

    कई स्थानों पर बिना मजदूरों के कार्यस्थल पर पहुंचे ही उनकी उपस्थिति दर्ज कर दी जा रही है। इससे फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी राशि की निकासी की आशंका जताई जा रही है।

    पत्र में आगे कहा गया है कि जिन योजनाओं में मस्टर रोल जेनरेट किए गए हैं, उनकी रैंडम स्थल जांच कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी अन्य जांच अथवा माध्यम से मस्टर रोल, फोटो अपलोड या उपस्थिति दर्ज करने में हेराफेरी की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

    मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    जिला प्रशासन की सक्रियता से अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। दैनिक जागरण ने आठ एवं नौ जून के अंक में इस गंभीर विषय को प्राथमिकता के साथ उठाया था।

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