दूसरे के खतियान पर बन गए जाति-आवासीय प्रमाण पत्र, चतरा में फर्जीवाड़े के सिंडिकेट का खुलासा
प्रतापपुर अंचल में दूसरे के खतियान और लगान रसीद का दुरुपयोग कर फर्जी वंशावली के आधार पर जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है ...और पढ़ें

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फर्जी वंशावली से जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र बने।
मुखिया के कथित फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग किया गया।
अजीत पाण्डेय, प्रतापपुर (चतरा)। प्रतापपुर अंचल में सरकारी प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि दूसरे व्यक्ति के खतियान और लगान रसीद का दुरुपयोग कर जाली वंशावली तैयार की गई और उसके आधार पर जाति, आवासीय एवं आय प्रमाण पत्र निर्गत करा लिए गए।
मामले में सीएससी संचालक, पंचायत स्तर पर दस्तावेज सत्यापन तथा अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भरही पंचायत निवासी चंदन कुमार ने उपायुक्त को दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, चंदन कुमार ने अपने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएससी संचालक अनुराग प्रजापति को व्हाट्सएप पर खतियान और लगान रसीद भेजी थी।
आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के मूल निवासी तथा वर्तमान में भरही गांव में रह रहे राजेश चौधरी के नाम से कथित जाली वंशावली तैयार की गई। इसमें राजेश के पिता को शिकायतकर्ता के दादा का पुत्र दर्शाया गया, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों परिवारों के बीच कोई रक्त संबंध नहीं है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तैयार वंशावली पर भरही पंचायत की मुखिया सुनीता देवी के कथित हस्ताक्षर और मुहर अंकित किए गए। हालांकि मुखिया ने हस्ताक्षर को अपना मानने से इनकार किया है। इससे पंचायत स्तर पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर के इस्तेमाल की आशंका भी गहरा गई है।
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आरोप है कि जिन प्रमाण पत्रों के लिए आम लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, वे कथित रूप से महज 12 घंटे के भीतर ऑनलाइन स्वीकृत कर दिए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना आवश्यक सत्यापन के प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिससे अंचल कार्यालय की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।
शिकायत के अनुसार, इन दस्तावेजों का उपयोग मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत ऋण एवं सब्सिडी प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया। मामले के उपायुक्त तक पहुंचने के बाद अंचलाधिकारी विकास कुमार टुडू ने पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उसके निष्कर्ष पर लोगों की नजरें टिकी हैं।