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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बंजर भूमि में जुगाड़ से उगा दी फसलें, अब दिल्ली-मुंबई से कला सीखने झारखंड पहुंचे किसान; यहां जानिए कैसे की शुरुआत

    By Amit Soni Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 06 Feb 2024 02:05 PM (IST)

    देवघर के सारवां प्रखंड क्षेत्र स्थित पहारिया पंचायत अंतर्गत मुख्यालय गांव सरपता रोशन मौजा के 20 एकड़ बंजर भूमि पर टमाटर सहित कद्दू की खेती को करने के ...और पढ़ें

    खेती किए गए स्थल पर पहुंचे किसान कंपनी व कपनी के लोग
    खेती किए गए स्थल पर पहुंचे किसान कंपनी व कपनी के लोग

    HighLights

    1. 20 एकड़ भूमि पर टमाटर, कद्दू सहित अन्य सब्जी लगाई गई
    2. बंजर भूमि होने के कारण जमीन खाली पड़ा रहता था- पूर्व मुखिया

    संवाद सूत्र, सारवां। देवघर के सारवां प्रखंड क्षेत्र स्थित पहारिया पंचायत अंतर्गत मुख्यालय गांव सरपता, रोशन मौजा के 20 एकड़ बंजर भूमि पर टमाटर, सहित कद्दू की खेती को करने के जुगाड़ व्यवस्था को देखने व सीखने के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के किसान सहित कंपनी के लोग यहां पहुंचे।

    ये लोग यहां हो रही खेती के तरीके को जानने व समझने के लिए आए थे। पूर्व मुखिया परशुराम वर्मा ने बताया कि बंजर जमीन होने के कारण जमीन खाली पड़ा रहता था। मुखिया रहते रांची प्रशिक्षण में गए थे। वहां जो जानकारी मिली थी। उसी को धरातल पर उतरने का कार्य किया। सबसे पहले बंजार पड़े रहे जमीन की जानकारी प्राप्त किया। इसके बाद संबंधित किसानों से संपर्क साधकर उन्हें जागरूक किया।

    20 एकड़ भूमि पर टमाटर, कद्दू सहित अन्य सब्जी लगाई गई

    उनके साथ बैठक कर बंजर जमीन पर सब्जी की खेती करने से होने वाले आर्थिक फायदा के बारे में बताया। करीब आधे दर्जन किसानों से सहमति मिलने के बाद 20 एकड़ भूमि पर टमाटर, कद्दू सहित अन्य तरह की सब्जी लगाई गई। विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार हुआ। कलश सीड्स से सभी बीज लेकर उनके सहयोग से फसल लगाने का कार्य किया। फसल को पटवन के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना का भी सहारा लिया गया है।

    बताया कि तीन एकड़ में टमाटर की खेती व 12 एकड़ में कद्दू वर्गीय खेती मिर्ची की खेती के साथ अन्य सब्जी शामिल है बताया कि पटवन की परेशानी तो होती है, लेकिन टपक योजना से काम चला रहे है। यहां डीप बोरिंग होने से किसानों को और फायदा मिलेगा। कंपनी के सिकंदर वर्मा ने किसानों को सहयोग करने का भरोसा दिलाया। मौके पर कलश सीड्स के सिकंदर प्रसाद वर्मा, किसान सरजू वर्मा, जितेंद्र वर्मा, मेघलाल महतो, सहदेव यादव सहित अन्य मौजूद थे।

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