यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: देवघर में दर्दनाक सड़क हादसा, मेला देखने जा रहे 3 किशोरों की रोड एक्सीडेंट में मौत; एक की हालत गंभीर
Deoghar Road Accident झारखंड के देवघर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन किशोरों की मौत हो गई। यह हादसा रविवार देर रात रिखिया थाना क्षेत्र के हरला ...और पढ़ें

HighLights
- देवघर के रिखिया थाना क्षेत्र में मेला घूमने जा रहे तीन किशोरों की सड़क हादसे में मौत
- हादसे में एक किशोर गंभीर रूप से घायल गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
जागरण संवाददाता, देवघर। झारखंड के देवघर जिले में रिखिया थाना क्षेत्र के हरलाजोरी के पास सड़क हादसे में तीन किशोर की मौत हो गई है।
मृतकों में बलसारा कोढ़ाबांध निवासी 14 वर्षीय अरमान कुमार, 13 वर्षीय मानव कुमार व 12 वर्षीय सुमित कुमार शामिल है। वहीं, 15 वर्षीय अंकित कुमार जख्मी हो गया है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना रविवार देर रात की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात सभी एक ही बाइक पर सवार होकर हरलाजोरी में लगा मेला देखने जा रहे थे। उसी क्रम में बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे चारों जख्मी हो गए।
कुछ देर बाद जब घायल अंकित को होश आया तो, उसने घटना की सूचना स्वजनों को दी। सूचना पर उसके स्वजन आननफानन में घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने इसकी सूचना रिखिया थाना की पुलिस दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस की मदद से सभी को सदर अस्पताल लाया गया। जांच के बाद चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। उधर पुलिस ने घटनास्थल से बाइक को जब्त कर लिया है।
बहन का जन्मदिन मनाकर घर से निकला था अरमान
मृतक अरमान के चाचा टेकलाल बाउरी ने बताया कि चारों एक ही बाइक पर सवार होकर पहले देवघर मेला घूमने गए थे। वापस आने के बाद अरमान घर चला आया।
घर में उसकी चचेरी बहन एक वर्षीय काव्या का पहला जन्म दिवस था। जन्मदिन मनाने के बाद अरमान ने खाना खाया। इसके कुछ देर बाद अंकित, सुमित व मानव बाइक लेकर उसके घर पहुंचा। तीनों मेला देखने के लिए उसे भी साथ ले गया। इसी दौरान हादसा हुआ।
घर का इकलौता चिराग था मानव
चिराग घर का इकलौता चिराग था। उसकी केवल एक बहन है। हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। घर में मातम पसरा हुआ है। हर तरफ चीख-पुकार ही सुनाई दे रही है। माता-पिता के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। मां छाती पीट-पीटकर अपने लाल के खाेने का दर्द बयां कर रही थी।
इस क्रंदन को आसपास मौजूद लोग भी सहन नहीं कर पा रहे थे। यह दृश्य केवल मानव नहीं बल्कि अरमान व सुमित के घर का भी है। पूरा परिवार का रो-रोकर हाल बुरा हो गया है। सबकी जुबां पर एक ही बात .. हे भगवान...। बच्चों के साथ यह क्या हो गया............।
खबरें और भी
बड़ा भाई ने छिपा दी थी गाड़ी की चाबी
अंकित की मां ने बताया कि बड़ा भाई उसे हमेशा गाड़ी चलाने से रोकता था। गाड़ी घर से निकाल ना ले, इसलिए वह गाड़ी की चाबी छिपाकर रख देता था। पता नहीं कब गाड़ी की चाबी निकाल लिया और बाइक निकाल लिया था।