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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Deoghar News: देवघरवासियों की हो गई बल्ले-बल्ले! हेमंत सरकार ने दे दिया बड़ा गिफ्ट, जल्द मिलेगी खुशखबरी

    Updated: Sat, 05 Apr 2025 11:22 PM (IST)

    देवघर को 300 बेड का अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर जल्द मिलेगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसकी घोषणा की है। वर्तमान में 100 बेड के सदर अस ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. निरीक्षण को सदर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने की घोषणा
    2. एसआरएल पैथोलाजिकल लैब से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश
    3. अस्पताल की व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताया संतोष

    जागरण संवाददाता, देवघर। देवघर को बहुत जल्द तीन सौ बेड का अस्पताल मिलेगा। इतना ही नहीं पुराना सदर अस्पताल को ट्रामा सेंटर के रूप में संचालित किया जाएगा।

    तीन सौ बेड का अस्पताल सहित ट्रामा सेंटर से जुड़ी तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान इसकी घोषणा की।

    उन्होंने कहा कि देवघर एक तीर्थनगरी है। तीर्थ यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले। इसके लिए वर्तमान में एक सौ बेड का संचालित सदर अस्पताल के अतिरिक्त 300 बेड के अस्पताल का निर्माण करवाया जाएगा।

    साथ ही टावर चौक स्थित पुराने सदर अस्पताल में ट्रामा सेंटर का निर्माण होगा। विधानसभा में देवघर विधायक सुरेश पासवान ने पुराने सदर अस्पताल में ट्रामा सेंटर खोलने की मांग की थी, जिसे स्वीकृत कर दिया गया है।

    स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश

    सदर अस्पताल का निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एसआरएल कंपनी द्वारा संचालित पैथोलाजिकल लैब पहुंचकर जांच की। मंत्री ने पाया कि वहां रजिस्टर तक संधारित नहीं हो रहा है।

    जांच के दौरान कंपनी द्वारा कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसा लग रहा है कि जांच के नाम पर केवल पैसा तो नहीं ले रही है।

    इसलिए सिविल सर्जन से कहा है कि कंपनी को शोकाज करें और उससे तीन घंटे के भीतर जवाब ले। इससे पहले मंत्री ने सदर अस्पताल के सभी वार्ड, पैथोलाजी, दवा वितरण, भंडार आदि का जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने इलाजरत मरीज व उनके परिजनों से भी बात की और अस्पताल से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

    साथ ही साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सक-कर्मचारियों की उपस्थिति और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जांच कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया, ताकि लोगों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सुविधा मिले।

    निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों द्वारा कुछ कमियां मंत्री के समक्ष रखा गया। जिसमें तत्काल सुधार का निर्देश मंत्री ने सिविल सर्जन दिया है। मंत्री ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था संतोषप्रद है।

    लेबर वार्ड की व्यवस्था में होगा सुधार

    मंत्री ने कहा कि लेबर वार्ड की व्यवस्था में जल्द सुधार होगा। दलाल-बिचौलिया के चक्कर में पड़ कर मरीजों को सदर अस्पताल से ले जाने वाले लोगों पर अंकुश लगेगा। लेबर वार्ड की व्यवस्था में जल्द सुधार दिखेगा।

    मंत्री ने कहा कि सच्चाई से उन्हें अवगत कराएं, प्रूफ मिला तो ना केवल कनीय बल्कि वरीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल के सेफ्टिक टैंक को जल्द दुरुस्त किया जाएगा।

    वहीं पोस्टमार्टम हाउस को भी हाइटेक बनाने की योजना है। सदन की कार्यवाही के दौरान कई सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया था।

    एम्स में इमरजेंसी चालू नहीं होने से सदर अस्पताल पर बढ़ा लोड

    मंत्री ने कहा कि देवघर एम्स में अबतक इमरजेंसी चालू नहीं होने का असर सदर अस्पताल पर पड़ रहा है। एम्स में सिर्फ ओपीडी सेवा चल रही है। एम्स पूरी तरह से चालू हो।

    इतनी बड़ी बिल्डिंग बन जाने के बाद भी किसी भी तरह का आपरेशन एम्स में नहीं हो रहा है, जिससे सदर अस्पताल में मरीजों का लोड बढ़ा है।

    जल्द ही एम्स का दौरा करेंगे और इस दौरान लगेगा कि केवल खानापूर्ति की जा रही है तो प्रबंधन पर आगे की कार्रवाई कराएंगे। एम्स कांग्रेस की देन है।

    निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. युगल किशोर चौधरी, डीएस डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. चित्तरंजन कुमार पंकज, डॉ. शरद कुमार, डॉ. दिग्विजय भारद्वाज समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

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