यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फ्रॉड करने वालों के लिए काल बना ये एप! अब तक 305 साइबर ठगों को पुलिस ने धर-दबोचा; जानिए क्या है इसकी खासियत
प्रतिबिंब एप को सात नवंबर को लॉन्च किया गया था। इसके बाद से साइबर ठगों को पकड़ना सूबे के पुलिस के लिए आसान हो गया। एप की मदद से राज्य में फ्रॉड करने व ...और पढ़ें

HighLights
- देवघर में चालीस दिनों में 114 साइबर ठगी के आरोपित पकड़े गए
- गिरिडीह में चालीस दिनों में 69 साइबर ठगी के आरोपित पकड़े गए
जागरण संवाददाता, देवघर। साइबर ठगों को पकड़ने के लिए सूबे के पुलिस को प्रतिबिंब एप के तौर पर एक कारगर हथियार हाथ लग गया है। सात नंवबर को इस एप को लॉन्च किया गया था। उसके बाद से इस एप की मदद से राज्य के सभी जिलों में साइबर ठगों को पकड़ने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसके बाद से 16 दिसंबर तक राज्य के 12 जिलों में 305 साइबर ठगों को पकड़ा गया। उनके पास से 1203 सिम कार्ड और 814 मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया गया। इस दौरान इन 12 जिलों में देवघर ने अव्वल स्थान प्राप्त किया है।
इन जिलों से इतन ठग पकड़े गए
देवघर में चालीस दिनों में 114 साइबर ठगी के आरोपितों को पकड़ा गया है। उनके पास से 274 सिम कार्ड और 195 मोबाइल बरामद किया गया है। दूसरे स्थान पर गिरिडीह जिला है। यहां इस दौरान 69 साइबर ठगों को पकड़ा गया और उनके पास से 240 सिम कार्ड और 196 मोबाइल जब्त किया गया है। वहीं, तीसरे स्थान पर जामताड़ा जिला है। यहां 54 साइबर ठगों के पास से 296 सिम कार्ड और 195 मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
इसके अलावा हजारीबाग जिला की पुलिस ने इन 40 दिनों में 31, धनबाद में 10, जमशेदपुर में चार, पाकुंड व बोकारो में पांच-पांच, गोड्डा व लातेहार में तीन-तीन, गढ़वा में एक, कोडरमा में छह साइबर ठगों को पकड़ा गया है। इन साइबर ठगों को पकड़ने में प्रतिबिंब एप काफी मददगार साबित हो रहा है।
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एप की मदद से साइबर ठगों को पकड़ना आसान
इस एप की मदद से साइबर ठगों को पकड़ना आसान हो गया है। उनका लोकेशन का पता पुलिस को आसानी से मिल जाता है। जब भी किसी के साथ ठगी होती है और उसकी शिकायत की जाती है तो जिस नंबर से ठगी के लिए फोन आता है उसे इस एप की मदद से लोकेट कर साइबर ठगों को पकड़ लिया जाता है।
पूरे राज्य में साइबर ठगों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की मानेटरिंग पुलिस मुख्यालय द्वारा किया जा रहा है।
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