यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shravani Mela 2024: श्रावणी मेले में इस दिन नहीं मिलेगी शीघ्रदर्शनम की सुविधा, मंदिर खुलने का भी बदला समय
सोमवार को सावन का महीना शुरू होने के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला भी शुरू हो गया है। यह मेला एक महीने तक चलता है और दुनिया सबसे अधिक समय तक चलने वा ...और पढ़ें

HighLights
- मंगलवार से रविवार तक रहेगी शीघ्रदर्शनम की सुविधा
- 600 रुपया किया गया मेले के कूपन का शुल्क
- द्वादश ज्योतिर्लिंग में विराजते हैं एक बाबा बैद्यनाथ
जागरण संवाददाता, देवघर। Sawan 2024 विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर झारखंड स्थित देवनगरी देवघर (Deoghar Shravani Mela) सज धजकर तैयार है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ यहां विराजते हैं। एक महीने तक चलने वाला विश्व का सबसे अधिक अवधि का मेले सोमवार से शुरू हो रहा है।
देश से कोने कोने से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर लिया है। क्यू सिस्टम, क्राउड कंट्रोल सिस्टम को अपडेट किया है। इस बार मेले के दौरान पांच सोमवार भी पड़ रहे हैं।
शीघ्रदर्शनम की नहीं होगी सुविधा
जिला प्रशासन ने एक ठोस निर्णय लिया है कि श्रावणी मेले में सोमवार के दिन शीघ्रदर्शनम की कोई सुविधा नहीं होगी। एसडीएम सह मंदिर प्रभारी सागरी बराल ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान सोमवार को शीघ्रदर्शनम की सुविधा नहीं दी जाएगी।
यह आम भक्तों के हित और होने वाली भीड़ को देखते हुए किया गया है। मंगलवार से रविवार तक शीघ्रदर्शनम की सुविधा मिलेगी।
600 रुपये का मिलेगा कूपन
मेले के समय कूपन का दर छह सौ रुपया होगा। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि भीड़ किस तरह रहती है।
यदि किसी दिन अधिक भीड़ होगी तो काउंटर से शीघ्रदर्शनम कूपन की संख्या को जारी करने की संख्या निर्धारित कर दिया जाएगा। छह काउंटर बनाए गए हैं।
मंदिर खुलने का बदला समय
सोमवार से मंदिर के खुलने का समय भी बदल गया है। मेले में बाबा मंदिर का पट प्रतिदिन सुबह 3:05 पर खुलेगा। अरघा के माध्यम से जलार्पण होगा।
बीमार व लाचार भक्त के जलार्पण के लिए मंदिर प्रांगण स्थित निकास द्वार से सटे तीन बह्य अरघा की व्यवस्था की गयी है। यहां श्रद्धालु जलार्पण कर सकते हैं।
मेले में शिव, सावन और पांच सोमवार का है संगम
मेले में शिव, सावन और पांच सोमवार का संगम है। तेरे नाम से शुरू तेरे नाम से खतम...। सोमवार से सावन आरंभ और सोमवार से सावन का समापन। ऐसा विरले ही होता है जब संयोग बनता है। कहते हैं कि सोमवार का दिन शिव का दिन है।
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यही कारण है कि सोमवार को भक्तों का सैलाब उमड़ जाता है। चारों ओर हर हर बम बम और हर हर महादेव गूंज रहा है। सावन का पहला सोमवार है। पहले ही दिन भक्तों की लंबी कतार लग गयी है। सुबह होने की प्रतीक्षा किसी भी शिवभक्त ने नहीं की। देर रात में ही वह मंदिर जाने का रास्ता खोजने लगे।