Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जेल में रहकर करोड़ों की कमाई! अपने सेल में बैठै-बैठे अमन कारोबारियों से करता था वसूली, हर महीने एक करोड़ की रंगदारी

    Updated: Thu, 21 Dec 2023 03:40 PM (IST)

    धनबाद के कुख्‍यात गैंगस्‍टर अमन सिंह की धनबाद जेल में बीते तीन दिसंबर को गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि अमन जेल में ही रहकर कोयला क ...और पढ़ें

    धनबाद के कुख्‍यात गैंगस्‍टर अमन सिंह की फाइल फोटो।
    धनबाद के कुख्‍यात गैंगस्‍टर अमन सिंह की फाइल फोटो।

    दिलीप सिन्हा, धनबाद। गैंगस्टर अमन सिंह धनबाद जेल में रहते हुए कोयला कारोबारियों, व्यवसायियों एवं डाक्टरों से प्रति माह करीब एक करोड़ रुपये तक रंगदारी वसूल रहा था। जेल के अंदर रहकर मोबाइल से ही अपराध का नेटवर्क चला रहा था। जेल प्रशासन ने उसे मोबाइल इस्तेमाल की खुली छूट दी थी। रंगदारी के इसी पैसे के बंटवारे में विवाद होने पर उसे तीन दिसंबर को धनबाद जेल के अंदर गोलियों से भून दिया गया।

    जेल से डॉक्‍टर व कारोबारियों को धमकाता था अमन

    उसे मौत के घाट उतारने वाले उसके साथ मिलकर अपराध करने वाले ही हैं। अमन के सहयोगी धनबाद के आशीष रंजन उर्फ छोटू ने उसकी हत्या की जिम्मेदारी ली है। अमन सिंह किस तरह जेल में रहकर मोबाइल से रंगदारी के लिए डाक्टरों व कारोबारियों को धमकी देता था, इसका गवाह जेल के सीसीटीवी फुटेज हैं।

    उच्च स्तरीय जांच एवं पुलिस अनुसंधान में भी यह बात सामने आई है। शूटर सुंदर महतो उर्फ रितेश यादव, सतीश साव उर्फ गांधी एवं विकास रवानी उर्फ बजरंगी ने भी अमन सिंह के जेल से रंगदारी के चल रहे रैकेट की जानकारी पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दी है। इससे पहले अमन सिंह के भाई अजय सिंह ने भी धनबाद पुलिस के समक्ष स्वीकार किया था कि अमन सिंह प्रत्येक महीने 30 से 35 लाख रुपये रंगदारी वसूल रहा था।

    जेल में रंगदारी के लिए करता था मोबाइल का इस्‍तेमाल

    जेल में रहकर अमन सिंह धड़ल्ले से मोबाइल का इस्तेमाल रंगदारी मांगने के लिए करता था। डा. समीर से रंगदारी मांगने के प्रकरण में जेल अस्पताल से काल कर धमकाने का सीसीटीवी फुटेज मिला, तब तत्कालीन जेल आइजी मनोज कुमार ने जेल प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगा जेल अधीक्षक और जेलर को शोकाज किया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जेलर अश्विनी तिवारी को सस्पेंड किया था।

    खबरें और भी

    अधीक्षक अजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा की थी। अमन सिंह की हत्या के बाद पुराने दिनों की सीसीटीवी फुटेज की जांच में नजर आया है कि जेल में लोग धड़ल्ले से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि अभी इस मामले में पूर्व जेल अधीक्षक से कोई पूछताछ नहीं हुई है।

    अमन के खिलाफ रंगदारी, हत्या के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज 

    जेल में रहते हुए रंगदारी मांगने और इसके लिए गोली चलवाने तथा हत्या करने के आधा दर्जन से अधिक मामले अमन सिंह के खिलाफ हुए थे।

    इसमें हिलटाप आउटसोर्सिंग के मैनेजर कौशल पांडेय से 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने, गोविंदपुर में पेट्रोल पंप संचालक से रंगदारी मांगने और उसके पेट्रोल पंप में गोली चलवाना प्रमुख है।

    नीरज सिंह के शूटरों ने धनबाद को बनाया रंगदारी का सेफ जोन

    धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर व कांग्रेस नेता नीरज सिंह एवं उनके तीन सहयोगियों को अपराधियों ने स्टील गेट में 21 मार्च 2017 को गोलियों से छलनी कर दिया था।

    आरोप है कि उत्तर प्रदेश के डान मुन्ना बजरंगी के दाएं हाथ माने जाने वाले धर्मेंद्र सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने ही अमन सिंह समेत सभी शूटरों को उपलब्ध कराया था।

    हत्या के बाद धनबाद जेल पहुंचते ही अमन सिंह एवं रिंकू सिंह ने जेल से रंगदारी का खेल शुरू कर दिया। रिंकू सिंह जमानत पर जेल से बाहर है।

    रिंकू सिंह का विश्वास जीतकर आशीष ने बढ़ाया कद

    अमन सिंह के लिए काम करने वाले धनबाद के आशीष रंजन का पैसे के लेनदेन को लेकर अमन सिंह से विवाद हो गया था।

    इसके बाद आशीष ने रिंकू सिंह का विश्वास जीतकर अपराध की दुनिया में कद बढ़ाया। आशीष रंजन कई हत्याकांडों में फरार है। वह बाहर रहकर अमन सिंह के लिए रंगदारी और हत्या का काम कर रहा था

    यह भी पढ़ें: Dhanbad में खौफ का दूसरा नाम गैंगस्‍टर अमन सिंह, जेल में बैठकर रंगदारी के अलावा करवाता है सुपारी किलिंग

    यह भी पढ़ें: Dhanbad: 'रंगदारी दो, नहीं तो ...', धमकी भरे Video में AK- 47 राइफल से अंधाधुंध गोलियां दागता दिखा अमन सिंह का गुर्गा