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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब इस राज्य में पशुओं के लिए भी जल्द शुरू होगी एंबुलेंस सेवा, होंगे ये फायदे; जारी किया जाएगा टोल फ्री नंबर

    Updated: Sun, 14 Apr 2024 11:45 PM (IST)

    Ambulance Service घायल और बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने में लोगों को परेशानी होता है। हालांकि अब यह काम आसान होने वाला है। दरअसल धनबाद में पशुओं के ...और पढ़ें

    अब इस राज्य में पशुओं के लिए भी जल्द शुरू होगी एंबुलेंस सेवा, होंगे ये फायदे (फाइल फोटो)
    अब इस राज्य में पशुओं के लिए भी जल्द शुरू होगी एंबुलेंस सेवा, होंगे ये फायदे (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पशुओं के लिए जल्द शुरू होगी एंबुलेंस सेवा
    2. पूरे राज्य में 236 पशु एंबुलेंस चलाए जाएंगे।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। जख्मी व बीमार पशुओं को पशु अस्पताल तक ले जाना लोगों के लिए चुनौती का काम होता है, लेकिन अब यह काम आसान होने वाला है। दरअसल, जिले में अब पशुओं के लिए भी एंबुलेंस सेवा शुरू होने जा रही है। इसे लेकर झारखंड स्टेट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी फॉर कैटल एंड बफैलो डेवलपमेंट, रांची और इएमआरआइ ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के बीच समझौता हुआ है।

    इसके तहत पूरे राज्य में 236 पशु एंबुलेंस चलाए जाएंगे। धनबाद को नौ एंबुलेंस दिए जा रहे हैं, जिस तरह आम मरीजों के लिए 108 टोल फ्री नंबर पर एंबुलेंस उपलब्ध होता है। ठीक उसी तरह सरकार इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी करेगी। इस नंबर पर कॉल करते ही एंबुलेंस मिल जाएगी। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. आलोक सिन्हा ने बताया कि विभाग में इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है।

    प्रत्येक वर्ष 44 करोड रुपये होंगे खर्च

    झारखंड में फिलहाल आम मरीजों को एंबुलेंस की सेवा इएमआरआइ ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के माध्यम से प्रदान की जाती है।  अब पशु एंबुलेंस सेवा की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी को मिली है।

    विभाग की मानें तो राज्य में प्रत्येक वर्ष 44 करोड रुपये पशु एंबुलेंस पर खर्च होंगे। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इसके लिए प्रशिक्षित कर्मी, चालक समेत अन्य की बहाली संबंधित एजेंसी करेगी। बहाली की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।

    लावारिस पशुओं का समय पर होगा इलाज 

    धनबाद की सड़कों पर आए दिन लावारिस पशु मिलते हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इन्हें पशु अस्पताल तक पहुंचाना चुनौती का काम होता है। एंबुलेंस के मिल जाने से इन्हें भी काफी सुविधा होगी। अस्पताल में पशु के इलाज के लिए तमाम उपकरण और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।

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    पशु एंबुलेंस चलने से काफी राहत मिलेगी। अस्पताल को विकसित किया जा रहा है। चिकित्सक के साथ प्रशिक्षित कर्मचारी भी अस्पताल में तैनात है। पशुओं के इलाज की तमाम व्यवस्था अस्पताल में की गई है। एंबुलेंस सेवा जल्द ही शुरू हो जाएगी। डॉ. आलोक सिन्हा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, धनबाद

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