कोयला चोरी पर गृहमंत्री अमित शाह एक्शन में, 'Zero Coal Leakage Plan' लागू करने का निर्देश; सबकी बनेगी कुंडली
Jharkhand Coal Theft: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड में अवैध कोयला खनन और चोरी पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।

कोयला चोरी पर सख्ती: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिए 'Zero Coal Leakage Plan' लागू करने के निर्देश। (फोटो: सौजन्य)
HighLights
अमित शाह ने झारखंड में अवैध कोयला खनन पर कार्रवाई का निर्देश दिया।
गृह मंत्रालय हर महीने अवैध खनन की गतिविधियों की समीक्षा करेगा।
कोयला माफिया, अवैध खनन स्थलों और संदिग्ध अधिकारियों की सूची बनेगी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad Coal Theft केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CISF, कोल इंडिया लिमिटेड और BCCL के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गृह मंत्री ने कोयले की चोरी पर व्यक्त की चिंता
बैठक के दौरान, गृह मंत्री ने धनबाद और आस-पास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने गृह मंत्री को सूचित किया कि अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में हुई समीक्षा के बाद कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
यह भी बताया गया कि CISF और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।
इस अधिकरण के तहत उन्हें अदालत में मामले दर्ज करने, अवैध कोयला भंडारण के संदेह वाले स्थानों में प्रवेश करने, तलाशी और जब्ती अभियान चलाने, और अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के साथ-साथ उन उपकरणों, उपकरणों और वाहनों को जब्त करने का अधिकार प्राप्त है जो ऐसे अवैध गतिविधियों में उपयोग किए जाते हैं।
गृह मंत्री का जोर जीरो कोयला लीकेज योजना
यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव ने दिसंबर 2025 में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, जिनमें कोयला क्षेत्र समन्वय समिति का गठन शामिल है, जो अब स्थापित हो चुकी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय और CISF द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध खनन की समस्या को रोकने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
गृह मंत्री ने अवैध खनन और अवैध कोयला परिवहन के प्रति एक समग्र और समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए "जीरो कोयला लीकेज योजना" को अपनाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि हालांकि CISF और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को MMDR अधिनियम के तहत शक्तियां दी गई हैं, इन शक्तियों का उपयोग कठोरता से और समन्वित तरीके से किया जाना चाहिए, जो स्वीकृत मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप हो।
अमित शाह ने कोयला मंत्रालय को नियमित रूप से उठाए गए कदमों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपभोक्ता केवल कानूनी रूप से निकाले गए कोयले का उपयोग करें और अवैध कोयले के परिवहन को रोकने के लिए, GST अधिकारियों को शामिल करना आवश्यक समझा गया। इसलिए, सभी कोयले के परिवहन के लिए ई-वे बिलों की सत्यापन की प्रक्रिया स्थापित की जानी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोयला क्षेत्र को CISF तैनाती की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाए, ताकि कर्मियों को तुरंत संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा सके।
उन्होंने आगे CISF को त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का गठन करने और संवेदनशील क्षेत्रों में एक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया, जिससे अवैध खनन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री ने प्रौद्योगिकी के अधिक प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्रों में स्थापित उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों का उपयोग अवैध खनन गतिविधियों में शामिल क्षेत्रों और व्यक्तियों की पहचान के लिए किया जाए।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने, और वैध कोयला खनन संचालन के हितों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
धनबाद में 4500 करोड़ के कोयले की चोरी
यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है, जहां पीएम नरेंद्र मोदी से जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की है। बीसीसीएल क्षेत्र के धनबाद जिले में हर साल 4500 करोड़ रुपये से अधिक का कोयला चोरी हो रहा है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। बीसीसीएल के सीएमडी भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
कई बड़े पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत
सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों, सीआइएसएफ के अधिकारियों और कोयला कंपनी के अधिकारियों की सूची भी तैयारी की जाएगी। गृह मंत्रालय तक सूचना पहुंची है कि कोयले के अवैध धंधे में एसपी और एसएसपी स्तर के कुछ पुलिस-पदाधिकारी भी पूरी तरह से शामिल हैं।
कोयले की चोरी पर लगाम के लिए तीन तरह की सूची पर होगी कार्रवाई
1. अवैध खनन स्थलों की सूची: झारखंड में चिन्हित सभी अवैध खनन क्षेत्रों की जीओ टैगिंग की जाएगी।
2. कोयला माफिया की सूची: अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पूरी जानकारी एकत्र की जाएगी, जिन पर एनआईए और ईडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
3. संदिग्ध अधिकारियों की सूची: कोयले को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भी सूची बनाई जाएगी, जिन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्रालय करेगा निगरानी
गृह मंत्रालय अब झारखंड में अवैध खनन की निगरानी करेगा। धनबाद-झरिया क्षेत्र में महंगे कुकिंग कोल की चोरी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गृह मंत्री ने निर्देश दिया है कि अधिकारियों की शक्तियों और सीआईएसएफ की तैनाती का पूरा उपयोग कर अवैध खनन और चोरी को तुरंत रोका जाए।
नए कदमों में ड्रोन और हाई-टेक सर्विलांस का उपयोग किया जाएगा, जिससे कोयला परिवहन और खनन क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीमें बनाई जाएंगी। उद्योगों और पावर प्लांट्स को केवल वैध स्रोतों से कोयला खरीदने का निर्देश दिया गया है।
