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बीमा पॉलिसी के नाम पर लाखों रुपये जमा कराने का आरोप, धनबाद थाना में बैंक आफ इंडिया के अधिकारियों पर केस दर्ज

Published: Tue, 01 Sep 2026 09:55 PM (IST)

Dhanbad News: धनबाद में बैंक अधिकारियों पर ग्राहक को बहला-फुसलाकर बीमा पालिसी कराने और 9.27 लाख रुपये जमा कराने का आरोप लगा है।

धनबाद कोर्ट के निर्देश पर बैंक अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज। (प्रतीकात्मक फोटो)

धनबाद कोर्ट के निर्देश पर बैंक अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. ग्राहक को बहला-फुसलाकर बीमा पालिसी कराने का आरोप।

  2. बैंक अधिकारियों पर 9.27 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस।

  3. न्यायालय के आदेश पर धनबाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जागरण संवाददाता, धनबाद। बैंक अधिकारियों पर ग्राहक को कथित रूप से बहला-फुसलाकर बीमा पालिसी कराने और गलत जानकारी देकर लाखों रुपये जमा कराने का आरोप लगा है। इस मामले में धैया निवासी संजय कुमार गुप्ता ने बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक राजेश कुमार कुशवाहा और बैंककर्मी दीपक कुमार मंडल के खिलाफ न्यायालय में शिकायतवाद दर्ज कराया था।

न्यायालय के आदेश के बाद धनबाद थाना में एक सितंबर को मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता संजय कुमार गुप्ता का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें एक बेहतर और लाभकारी पालिसी बताकर उसमें निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

शिकायत के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2021 में 3 लाख 13 हजार 500 रुपये जमा किए। इसके बाद वर्ष 2022 और 2023 में 3 लाख 6 हजार 750-750 रुपये की किस्त जमा की गई। इस तरह उन्होंने कुल 9 लाख 27 हजार रुपये जमा किए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्हें अचानक रुपये की जरूरत पड़ी और उन्होंने पालिसी बंद कर अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें बताया गया कि पालिसी सरेंडर करने पर केवल करीब 4 लाख 92 हजार रुपये ही मिलेंगे। इसे लेकर उन्होंने आपत्ति जताई और बैंक अधिकारियों पर गलत जानकारी देकर धोखे में रखने का आरोप लगाया।

शिकायतवाद में आरोप लगाया गया है कि शाखा प्रबंधक और बैंककर्मी ने पालिसी को बेहतर बताते हुए इसे जारी रखने की सलाह दी थी। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि दोनों अधिकारियों को इस तरह की पालिसी कराने पर कमीशन मिलता है और इसी उद्देश्य से ग्राहकों को कथित रूप से प्रलोभन देकर पालिसी कराई जाती है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने बैंक प्रबंधन को फरवरी 2026 में अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा था। आरोप है कि नोटिस मिलने के बाद भी बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद स्मरण पत्र भेजकर मामले का समाधान कराने का भी प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक पहल नहीं हुई।

मामले की शिकायत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में की गई थी। न्यायालय के निर्देश पर धनबाद थाना की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।