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धनबाद में सियासी घमासान: विधायक जयराम महतो और मुखिया पुत्र के बीच धक्का-मुक्की, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR

Updated: Sat, 22 Aug 2026 10:32 PM (IST)

बरवाअड्डा में फर्जी पैड मामले को लेकर विधायक जयराम महतो और मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच विवाद हिंसक हो गया है।

बरवाअड्डा थाने में पुलिस अधिकारी से बात करते विधायक जयराम महतो व उनके समर्थक। (जागरण)

बरवाअड्डा थाने में पुलिस अधिकारी से बात करते विधायक जयराम महतो व उनके समर्थक। (जागरण)

HighLights

  1. बरवाअड्डा में विधायक-मुखिया समर्थकों के बीच हिंसक झड़प।

  2. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी।

  3. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की कर रही जांच।

जागरण संवाददाता, बरवाअड्डा। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा पिछरी ग्राम पंचायत में फर्जी पैड, मोहर और हस्ताक्षर के मामले को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक व हिंसक मोड़ ले चुका है।

मामले में नामजद आरोपी गणेश दास को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो और बड़ा पिछरी की मुखिया यशोदा देवी के बीच खींचतान चरम पर पहुंच गई है।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए बरवाअड्डा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुखिया यशोदा देवी के पुत्र प्रदीप कुमार रजक ने दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे वे अपने पिता आशुतोष रजक से मिलने थाने गए थे, जिन्हें पुलिस ने कांड संख्या 129/26 में पूछताछ के लिए बुलाया था।

प्रदीप का दावा है कि थाने में पहले से मौजूद विधायक जयराम महतो ने उन्हें देखते ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक शब्द कहे।

आरोप है कि विधायक ने जान से मारने की नीयत से उनका गला दबा दिया, जिससे उनकी गर्दन पर खरोंच के निशान आए और सांस लेने में तकलीफ हुई। इस दौरान विधायक के समर्थक सुशील मंडल (निवासी कोलाकुसमा) समेत अन्य लोगों ने लात-घूंसे और थप्पड़ से उनके साथ मारपीट की।

विधायक का दावा: समर्थकों पर हमला, सोने की चेन व नकदी लूटी

वहीं दूसरी ओर, डुमरी विधायक जयराम महतो ने शनिवार देर रात बरवाअड्डा थाने में आवेदन देकर दर्जनों लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला और लूटपाट की प्राथमिकी दर्ज कराई। विधायक के अनुसार, वे पंचायत से जुड़े एक मामले की जानकारी लेने रात 10 बजे थाने पहुंचे थे।

वहां पहले से मौजूद प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, दिनेश रजक और उनके अन्य साथियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और गला दबाने का प्रयास किया।

विधायक का आरोप है कि उनके बचाव में आए समर्थक सुशील मंडल के साथ जमकर मारपीट की गई और हमलावरों ने सुशील के गले से करीब ₹2.08 लाख मूल्य की सोने की चेन तथा ₹5,000 नकद छीन लिए।

विवाद यही नहीं थमा। शनिवार को मुखिया यशोदा देवी ने थाने में एक और लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे विधायक जयराम महतो दर्जनों समर्थकों के साथ उनके घर में घुस आए।

विधायक ने उनके पुत्र द्वारा थाने में दर्ज शिकायत और पूर्व के एक मामले (कांड संख्या 129/26) को वापस लेने का दबाव बनाया।

मना करने पर परिजनों को जान से मारने, गांव में रहना मुश्किल कर देने की धमकी दी और जाते-जाते जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मुखिया का दावा है कि इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसे वे जांच के लिए पुलिस को सौंपेंगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि विधायक जयराम महतो और प्रदीप कुमार रजक दोनों के आवेदनों के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस निष्पक्ष रूप से पूरे मामले और सीसीटीवी/वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।