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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    BBMKU Dhanbad: राज्यपाल ने कुलपति पद से शुकदेव भोई को हटाया, सामने आई आरोपों की लंबी-चौड़ी लिस्ट

    By Neeraj AmbasthaEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sat, 14 Oct 2023 12:00 PM (IST)

    BBMKU किसी कुलपति को भ्रष्टाचार के आरोप में पदमुक्त करने का संभवत पहला मामला सामने आया है। राज्यपाल ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुल ...और पढ़ें

    BBMKU Dhanbad: राज्यपाल ने कुलपति पद से शुकदेव भोई को हटाया, सामने आई आरोपों की लंबी-चौड़ी लिस्ट
    BBMKU Dhanbad: राज्यपाल ने कुलपति पद से शुकदेव भोई को हटाया, सामने आई आरोपों की लंबी-चौड़ी लिस्ट

    HighLights

    1. राज्यपाल के आदेश पर उच्च स्तरीय जांच में हुई थी अनियमितता की पुष्टि
    2. राज्यपाल ने कहा- विश्वविद्यालयों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

    राज्य ब्यूरो, रांची/धनबाद। BBMKU Dhanbad: राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के कुलपति प्रो. शुकदेव भोई को कुलपति के पद से हटा दिया है। उन्होंने शुक्रवार को इसे लेकर आदेश जारी किया है।

    शुकदेव भोई के विरुद्ध अनियमितता की कई शिकायतें राजभवन को मिली थीं। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया गया। किसी कुलपति के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोप में पदमुक्त करने का यह संभवत: पहला मामला है।

    राजभवन को शुकदेव भोई के विरुद्ध विभिन्न स्तरों से प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। इसपर संज्ञान लेते हुए राजभवन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को जांच का आदेश दिया था।

    अनियमितताओं की हुई पुष्टि

    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय विभागीय जांच समिति ने विश्वविद्यालय जाकर सभी अनियमितताओं की जांच की, जिसमें उनके द्वारा बरती गई अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए राजभवन ने प्रो. भोई से स्पष्टीकरण पूछा, जिसपर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

    राजभवन ने समीक्षा में पाया कि कुलपति के रूप में प्रो. भोई का आचरण व कृत्य विश्वविद्यालय के हित में नहीं है। इसके बाद राज्यपाल ने कुलपति पद की गरिमा के विरुद्ध कार्य करने के आरोप में उन्हें पदमुक्त करने का आदेश दिया।

    राज्यपाल ने अपने आदेश में कहा कि राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार क्षम्य नहीं है। ऐसे कृत्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इधर, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कौशल कुमार ने बताया कि दोपहर 12 बजे राजभवन से नोटिस मिलने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से निवर्तमान कुलपति को रिलीविंग लेटर दे दिया गया। इसके बाद कुलपति डॉ. भोई ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद कुलपति डा. भोई लाल बहादुर शास्त्री यूनिवर्सिटी दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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    इन अनियमितताओं के थे आरोपी

    • विधि महाविद्यालय, बीएड कालेज सहित कई कालेजों से सहयोग राशि के नाम पर राशि वसूली की और उक्त राशि को निजी बैंकों में जमा रखा।
    • विश्वविद्यालय में कंप्यूटर सहित कई सामग्री की खरीद में टेंडर नियमों का अनुपालन नहीं किया गया।
    • बिना राजभवन की अनुमति के डिग्री कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई बंद कर दी।
    • कई क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई को बंद कर ओड़िया भाषा की पढ़ाई शुरू कर दी थी।
    • 10 महीने की छोटी सी अवधि में कुलपति ने 46 तबादले किए और 50-60 नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए।
    • बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए कैंपस में मैनपावर सप्लाई और छह कैंटीन का टेंडर अपने लोगों को आवंटित कर दिया।
    • बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए उत्तर पुस्तिका को खुले बाजार में बेच दिया।

    मथुरा तथा लंबोदर महतो ने की थी कार्रवाई की मांग

    झामुमो विधायक मथुरा महतो एवं आजसू पार्टी के विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने पिछले दिनों राज्यपाल से मिलकर विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शुकदेव भोई के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने की मांग की थी।

    दोनों विधायकों ने राज्यपाल से विभागीय समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति के विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। दोनों ने कुलपति द्वारा कई मनमाने निर्णय लेने के भी आरोप लगाए थे।

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