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धनबाद: कोर्ट के आदेश पर BCCL CMD के खिलाफ FIR दर्ज, नौकरी मांगने गए युवक से दुर्व्यवहार का मामला

Published: Sat, 22 Aug 2026 02:00 PM (GMT+05:30)

बीसीसीएल में अनुकंपा नियोजन के लिए पहुंचे युवक सचिन हेम्ब्रम ने सीएमडी मनोज अग्रवाल और उनके पीए पर जातिसूचक टिप्पणी ...और पढ़ें

नियोजन के लिए आवेदन करने पहुंचे युवक से जातिसूचक टिप्पणी और दुर्व्यवहार का आरोप।

नियोजन के लिए आवेदन करने पहुंचे युवक से जातिसूचक टिप्पणी और दुर्व्यवहार का आरोप।

HighLights

  1. युवक ने बीसीसीएल सीएमडी पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया।

  2. अनुकंपा नियोजन के लिए आवेदन करने पर दुर्व्यवहार हुआ।

  3. न्यायालय के आदेश पर सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज।

जागरण संवाददाता, धनबाद। बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नियोजन की मांग को लेकर कोयला भवन पहुंचे बोकारो के युवक ने बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल समेत दो लोगों पर जातिसूचक टिप्पणी, गाली-गलौज, अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर सरायढेला थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता सचिन हेम्ब्रम, निवासी बुढ़ीडीह, दुग्धा थाना क्षेत्र, बोकारो ने न्यायालय में दायर शिकायतवाद में बताया है कि उसके पिता स्वर्गीय दशरथ मांझी मधुबन वाशरी ब्लाक-दो में बीसीसीएल कर्मचारी थे।

पांच मार्च 2010 को उनकी मृत्यु के बाद सचिन ने अनुकंपा के आधार पर नियोजन के लिए आवेदन दिया था। आवेदन बीसीसीएल प्रबंधन के माध्यम से कोयला भवन स्थित सीएमडी कार्यालय भेजा गया था। शिकायत के अनुसार, नियोजन के सिलसिले में वह कई बार कोयला भवन स्थित सीएमडी कार्यालय गया।

आरोप है कि वहां उसे कथित तौर पर जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और कार्यालय से बाहर कर दिया गया। सचिन का कहना है कि 17 जून 2026 को भी वह नियोजन संबंधी आवेदन लेकर कोयला भवन पहुंचा था।

जातिसूचक टिप्पणी और गाली-गलौज का आरोप

आवेदन लेने के बाद उसे कथित तौर पर अपमानित कर कार्यालय से बाहर कर दिया गया। इस दौरान कई लोगों के मौजूद रहने और घटना देखने-सुनने का दावा किया गया है। शिकायत में 18 जून 2026 की घटना का भी उल्लेख है।

सचिन के अनुसार, वह दोबारा नियोजन के संबंध में सीएमडी कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि बातचीत के दौरान सीएमडी नाराज हो गए और जातिसूचक टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद सीएमडी के निजी सहायक ने उसे कार्यालय से बाहर निकाल दिया और धमकी दी कि दोबारा कार्यालय आने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है।

सचिन ने शिकायत में यह भी बताया है कि उसने घटना की जानकारी स्थानीय थाना को दी थी। इसके बाद धनबाद के उपायुक्त, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री के समक्ष भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली।

न्यायालय से शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद सरायढेला थाना की पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल तथा उनके निजी सहायक को आरोपित बनाया गया है। पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

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