BCCL: पाथरडीह कोल वाशरी में वेल्डिंग मशीन फटने से तीन मजदूर झुलसे, सुरक्षा पर उठे सवाल
Bharat Coking Coal Limited: पाथरडीह कोल वाशरी में वेल्डिंग मशीन में हुए जोरदार धमाके में तीन मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।

अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर और उसके स्वजन। (फोटो जागरण)
HighLights
पाथरडीह कोल वाशरी में वेल्डिंग मशीन में जोरदार धमाका।
हादसे में तीन मजदूर बुरी तरह झुलसे, एक की हालत गंभीर।
कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठे।
संवाद सूत्र, चासनाला (धनबाद)। बीसीसीएल व एसीबी कंपनी के ज्वाइंट वेंचर में निर्माणाधीन 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली पाथरडीह कोल वाशरी में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कार्यस्थल पर अचानक जोरदार धमाके के साथ वेल्डिंग मशीन ब्लास्ट कर गई।
हादसे में वेल्डर समेत तीन मजदूर बुरी तरह झुलस गए। सुदामडीह रिवर साइड निवासी 40 वर्षीय वेल्डर दिलीप यादव, पाथरडीह हाटतल्ला निवासी 48 वर्षीय हेल्पर बद्री रवानी, डिगवाडीह निवासी अमर महतो घायल हो गए। दिलीप की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
हादसे के बाद सहकर्मियों ने तत्काल तीनों घायलों को चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए धनबाद एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पाथरडीह पुलिस मौके पर पहुंची व मामले की जानकारी ली। हादसे के बाद बीसीसीएल व एसीबी प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
दरवाजा वेल्डिंग करते समय हुआ ब्लास्ट
झुलसे हेल्पर बद्री रवानी ने बताया कि प्रथम पाली में तीनों मजदूर सुबह करीब आठ बजे कार्यस्थल पहुंचे थे। करीब दस बजे दिलीप यादव व अमर महतो के साथ एक दरवाजे को बंद करने के लिए लोहे की रॉड लगाकर वेल्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार आवाज के साथ वेल्डिंग मशीन फट गई।
देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं व धुएं का गुबार फैल गया। ब्लास्ट के जोरदार झटके से तीनों मजदूर गेट से जा टकराए। जिससे दरवाजे में लगा शीशा टूट गया। आग की लपटों से उनके कपड़े जल गए व शरीर भी झुलस गया।
किसी तरह तीनों मजदूर वहां से बाहर की ओर भागे व कीचड़ में गिर पड़े। धमाके की आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे मजदूर दौड़कर पहुंचे व घायलों को कीचड़ से उठाकर सीएचसी अस्पताल ले गए।
वहीं मजदूरों ने पानी व कीचड़ डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई व किसी तरह आग पर काबू पाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद मजदूरों ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। मजदूरों का आरोप है कि कार्य क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। दुर्घटना स्थल पर अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं था।
दोनों ओर वाशरी प्लांट की लौह सामग्री रखे जाने से कार्यालय की ओर जाने वाला रास्ता भी काफी संकीर्ण है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में मजदूरों के सुरक्षित निकलने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता निताई महतो ने आरोप लगाया कि पाथरडीह में मजदूरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते व महज 350 रुपये में भेड़-बकरी की तरह काम कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों द्वारा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें काम से निकालने की धमकी दी जाती है। सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
जमसं बच्चा गुट के हरे मुरारी महतो ने आरोप लगाया कि मजदूरों का पीएफ व ईएसआई तक नहीं बनाया गया है। उन्हें उचित मजदूरी भी नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रबंधन से घायल मजदूरों का बेहतर इलाज कराने व कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की।
