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बीआइटी सिंदरी हॉस्टल मेस में छात्रों की सेहत से खिलवाड़, फूड सेफ्टी विभाग ने लगाया भारी जुर्माना

Published: Wed, 02 Sep 2026 08:45 PM (IST)

बीआइटी सिंदरी के हॉस्टलों में छात्रों को परोसे जा रहे भोजन में प्रतिबंधित रंगों और गंदगी का खुलासा हुआ है। ...और पढ़ें

बीआइटी सिंदरी।

बीआइटी सिंदरी।

जागरण संवाददाता, धनबाद। बीआइटी सिंदरी के इंजीनियरिंग छात्रों की सेहत के साथ मेस संचालकों की ओर से खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। हास्टल के छात्रों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद फूड सेफ्टी अफसर राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान मेस में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल और गंदगी का खुलासा हुआ, जिसके बाद दो एजेंसी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मंसूर आलम एवं खेपाकर मांझी के एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया है। संस्थान परिसर में कुल 31 हास्टल हैं, जहां अलग-अलग एजेंसियों की ओर से मेस का संचालन किया जाता है।

फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने औचक कार्रवाई करते हुए पांच हास्टलों के मेस की जांच की। टीम ने इस कार्रवाई की भनक कालेज प्रबंधन तक को नहीं लगने दी, जिससे गड़बड़ी रंगे हाथों पकड़ी गई। जांच के दौरान हास्टल नंबर 14 और पुराना पीजी हास्टल में खाद्य सुरक्षा कानून की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं।

दोनों एजेंसी का फूड सेफ्टी से लाइसेंस भी नहीं है। निरीक्षण के दौरान मेस की स्थिति देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। राजा कुमार के अनुसार मेस में खाने को आकर्षक बनाने के लिए सेहत के लिए बेहद हानिकारक और प्रतिबंधित ''''चंपई रंग'''' (कलर) का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा था।

इतना ही नहीं, छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन में फंगस लगा हुआ सड़ा-गला प्याज इस्तेमाल हो रहा था। स्वच्छता के नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।

जिस स्टोर रूम में खाद्य सामग्रियां रखी थीं, वहीं मेस कर्मियों के सोने का इंतजाम था, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियां फैलने की पूरी आशंका थी। विभाग ने गंदगी और मिलावट पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित वेंडर पर जुर्माना ठोंका है और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी है।