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CISF के डीआइजी पहुंचे जमुनिया हाई वाल पैच, पूछा-किस रास्ते जाता है चोरी का कोयला

Published: Sat, 05 Sep 2026 08:10 PM (IST)

CISF के डीआईजी राजेश मिश्रा और बीसीसीएल के जीएम सिक्योरिटी ने जमुनिया हाई वाल पैच का निरीक्षण किया।

CISF के डीआईजी राजेश मिश्रा एवं बीसीसीएल के जीएम सिक्योरिटी मो. हफिजूल कुरैशी जमुनिया हाई वाल पैच का निरीक्षण करते। (फोटो जागरण)

CISF के डीआईजी राजेश मिश्रा एवं बीसीसीएल के जीएम सिक्योरिटी मो. हफिजूल कुरैशी जमुनिया हाई वाल पैच का निरीक्षण करते। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. सीआईएसएफ डीआईजी ने जमुनिया हाई वाल पैच का निरीक्षण किया।

  2. अवैध कोयला खनन रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।

  3. नियमित गश्ती और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने को कहा।

संवाद सूत्र, बाघमारा (धनबाद)। बीसीसीएल के ब्लॉक दो क्षेत्र में अवैध कोयला खनन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शनिवार को सीआईएसएफ के डीआईजी राजेश मिश्रा एवं बीसीसीएल के जीएम सिक्योरिटी मो. हफिजूल कुरैशी ने जमुनिया हाई वाल पैच का निरीक्षण किया।

डीआईजी ने अवैध गतिविधियों वाले संवेदनशील स्थलों की जानकारी लेते हुए उस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने पूछा कि अवैध धंधेबाजों द्वारा किस रास्ते का उपयोग कोयला निकालने तथा उसे भेजने के लिए किया जाता है।

उन्होंने बल के अधिकारियों को नियमित गश्ती तेज करने, क्यूआरटी टीम की जवाबदेही तय करने के साथ कड़ी निगरानी, अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती तथा संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से अवैध कारोबार पर लगाम लगाने को कहा।

मौके पर समादेष्टा अजय सिंह, समादेष्टा पीके त्रिपाठी, उप समादेष्टा पुष्पेंद्र सिंह, ब्लॉक दो जीएम कुमार रंजीव मौजूद थे।

बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से जमुनिया हाई वाल पैच के समीप अवैध गतिविधियां तेजी से संचालित होती देखी गईं, जिसकी सूचना कोयला भवन मुख्यालय तथा सीआईएसएफ के वरीय अधिकारियों को मिलने के बाद क्षेत्र का निरीक्षण किया गया।

मालूम हो कि धनबाद कोयलांचल में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की शिकायत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चोरी रोकने को लेकर नई दिल्ली में बैठक की थी। बीसीसीएल और सीआईएसएफ का आरोप था कि पुलिस का सहयोग नहीं मिलता है।

कोयला चोरी को रोकने के लिए सीआईएसएफ को विशेष अभियान दिया गया है। आईपीएस राजेश मिश्रा को बीसीसीएल-सीआईएसएफ का डीआईजी बनाकर भेजा गया है। वह कोयले की चोरी को रोकने में लगे हैं। इस समय सबसे ज्यादा कोयले की चोरी आउटसोर्सिंग कंपनियों से होती है।