यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CMPF के सामने आई चुनौती, पेंशनरों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि, घट रही अंशदान करने वालों की संख्या
सीएमपीएफ या कोयला खान भविष्य निधि संगठन के पेंशनरों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन अंशदान करने वालों में कमी आ रही है। ऐसे में पेंशन मद की राशि लगात ...और पढ़ें

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। कोयला खान भविष्य निधि संगठन के पेंशनरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिस कारण पेंशन मद की राशि तेजी से घट रही है। स्थिति यह है कि पेंशन मद में सात हजार करोड़ ही राशि बची है। हर साल तीन सौ करोड़ अतिरिक्त इस मद से राशि की निकासी पेंशन भुगतान के मद में निकल रही है।
हाल साल पेंशन मद में करीब 4150 करोड़ राशि जमा हो रही है, लेकिन भुगतान के मद में करीब 4450 करोड़ हो रहा है। इस लिहाज से तीन सौ करोड़ अतिरिक्त जमा पूंजी से राशि निकल रही है। इसको लेकर सीएमपीएफ (Coal Mines Provident Fund Organization) प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। कोयला कर्मियों से पेंशन मद में बेसिक का सात प्रतिशत राशि काट कर जमा होता है।
सीएमपीएफ पेंशन मद में अधिक राशि की जरूरत
तीस साल तक पेंशन चलाने के लिए सीएमपीएफ पेंशन मद में और 47 हजार करोड़ की जरूरत है। पेंशनरों संख्या 5.84 लाख पहुंच गई है। जबकि पीएफ व पेंशन में अंशदान देने वाले की संख्या घटकर हुई 3.60 लाख है। सीएमपीएफ में बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल सहित कोल इंडिया की सहायक कंपनियां, टाटा, सेल सहित कई गैर सरकारी कोयला कंपनियां इससे जुड़ी है।
पीएफ मद में 95 हजार करोड़ जमा
इसमें हर साल लगभग बीस हजार पीएफ सदस्यों की संख्या में कमी आ रही है। पीएफ मद में 95 हजार तीन सौ करोड़ राशि जमा है।
लटका है बीस रुपये प्रतिटन का मामला
कोयला मंत्रालय में बीस रुपये प्रतिटन पेंशन मद में राशि भुगतान करने का मामला लटका हुआ है। कोल इंडिया मौजूदा समय में दस रुपये प्रतिटन राशि सीएमपीएफ में जमा कर रही है। पिछली बैठक में इसे बढ़ाकर बीस रुपये प्रतिटन किया गया है। बीस रुपये प्रतिटन होने से करीब 12 सौ करोड़ राशि जमा होगी। इससे पेंशन मद में निकलने वाले अतिरिक्त राशि का बोझ कम हो जाएगा।
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16 जनवरी को दिल्ली में बोर्ड की बैठक
कोयला सचिव अमृत लाल मीणा के पदभार ग्रहण करने के बाद सीएमपीएफ बोर्ड आफ ट्रस्टी की पहली बैठक 16 जनवरी को दिल्ली में होगी। इसको लेकर एजेंडा तैयार किया जा रहा है। बोर्ड के चेयरमैन कोयला सचिव होते हैं। उन्होंने अपनी सहमति दे दी है। यह जानकारी सीएमपीएफ आयुक्त वीके मिश्रा ने दी। बैठक में चारों श्रम संगठन एचएमएस, बीएमएस, सीटू व एटक के प्रतिनिधि के अलावा कोल इंडिया डीपी विनय रंजन सहित अन्य कोयला कंपनी के निदेशक मौजूद रहेंगे।
सीएमपीएफ आयुक्त वीके मिश्रा ने कहा, पेंशनरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी संख्या 5.84 लाख तक पहुंच गई है। तीन सौ करोड़ हर साल अतिरिक्त जमा पूंजी से निकल रहा है। पेंशन मद की राशि बढ़ोतरी को लेकर कोयला पर प्रतिटन बीस रुपये भुगतान का मामला कोयला मंत्रालय में विचाराधीन है।