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    धनबाद में 108 एंबुलेंस सेवा बीमार, 37 में से 27 वाहन खराब; अस्पताल पहुंचने से पहले ही दे देते हैं जवाब

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:38 PM (IST)

    Dhanbad 108 Ambulance Service की हालत दयनीय है, जहाँ 37 में से 27 एंबुलेंस खराब पाई गई हैं। इन खराब वाहनों के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना ...और पढ़ें

    108  एंबुलेंस सेवा। (प्रतीकात्मक फोटो)

    108 एंबुलेंस सेवा। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. धनबाद में 37 में से 27 एंबुलेंस खराब पाई गईं।

    2. खराब एंबुलेंस के कारण मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।

    3. कई बार बीच रास्ते में एंबुलेंस खराब होने से जान गई।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी मानी जानी वाली एंबुलेंस सेवा 108 धनबाद में दयनीय हालत हो गई। पिछले कुछ महीने से चल रही एंबुलेंस की फिटनेस जांच रिपोर्ट जिला परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को दे दी है।

    फिटनेस जांच की प्रक्रिया 27 एंबुलेंस बीमार पाए गए, जबकि 10 एंबुलेंस को फिट पाया गया है। जिले में इस सेवा के तहत 37 एंबुलेंस चल रही हैं। लेकिन इसमें 27 सेवा लायक नहीं है। इन 27 एंबुलेंस को या बदलने या मरम्मत करने की जरूरत है।

    मरम्मत के बाद भी यह एंबुलेंस साल भर ठीक से चले, इसकी कोई गारंटी नहीं हैं। हालांकि अभी इन 27 एंबुलेंस से भी सेवा ली जा रही है। इधर, 108 टोल फ्री नंबर पर काफी कोशिश करने के बाद भी धनबाद के जरूरतमंदों को एंबुलेंस नहीं मिल रही है।

    मरीजों को रांची, बोकारो अथवा दूसरी जगह निजी एंबलेंस से जाना पड़ रहा है। ऐसे में गरीबों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना धनबाद में दम तोड़ रही है। मरीजों को रांची, बोकारो आदि जगह निजी एंबुलेंस से जाना पड़ रहा है। 

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    डेढ़ लाख किमी चल चुका एंबुलेंस, अब क्षमता खराब

    धनबाद में 108 एंबुलेंस सेवा 11-12 वर्षों से चल रही है। एक गाड़ी लगभग डेढ़ लाख किलोमीटर चल चुकी है। पिछले दो-तीन वर्षों की बात करें, तो कई बार यह मरीजों को बीच रास्ते में ही धोखा दे चुका है।

    रांची और बोकारो जाने के क्रम में कई बार केंदुआ व पुटकी में जाकर खराब हो जाती है। हालांकि अभी इसमें से कुछ एंबुलेंस को सावन मेला में भेजा गया है। खराब होने पर इसे स्थानीय मैकेनिक से एजेंसी बनवा रही है।

    केस एकः 15 सितंबर 2023 को गिरिडीह की 20 वर्षीय शांति देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद एसएनएमएमसीएच लाया गया। स्थिति गंभीर होने पर 108 एंबुलेंस से रिम्स रांची रेफर किया गया। महुदा के पास एंबुलेंस खराब हो गई। लगभग दो घंटे तक खराब रही। बाद में जांच पर पता चला कि गर्भवती व पेट में बच्चे की जान चली गई।

    केस दोः 17 दिसंबर 2023 को 108 एंबुलेंस ने न्यू नेटल सेवा शुरू की, पहले ही दिन वाहन फेल हो गया। कतरास की सुमित्रा देवी प्रसव के लिए एसएनएमएमसीएच लाया गया। नवजात की स्थिति काफी गंभीर हो गई, 108 एंबुलेंस से रांची ले जाया जाने लगा, पुटकी में खराब हो गई। आक्सीजन भी नहीं थी।

    केस तीनः 25 मार्च 2025 को कुमार को गंभीर हालत में रिम्स रेफर किया गया, 108 एंबुलेंस को काल किया गया, वाहन ने जैसे मरीज को ले जाने की तैयारी की, अस्पताल परिसर में ही खराब हो गया। मरीज को सेवा नहीं मिल पाई। पैसे जुगाड़ कर निजी एंबुलेंस से जाना पड़ा।


    एंबुलेंस को लेकर मुख्यालय को रिपोर्ट की गई है। जो एंबुलेंस मरम्मत करा कर काम लिए जा सकते हैं, उसे मरम्मत कराया जाएगा। इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से बातचीत हो रही है। मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं।

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    डा. आलोक विश्वकर्मा, सीएस, धनबाद