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    चार महीने में ही मेयर से मोहभंग, 22 वार्ड पार्षदों ने धनबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ खोला मोर्चा

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 12:22 PM (IST)

    Dhanbad Politics: धनबाद नगर निगम के 22 वार्ड पार्षदों ने मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ...और पढ़ें

    धनबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली के विरोध में बैठक करते वार्ड पार्षद और इनसेट में मेयर संजीव सिंह।(फोटो जागरण)

    धनबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली के विरोध में बैठक करते वार्ड पार्षद और इनसेट में मेयर संजीव सिंह।(फोटो जागरण)

    संवाद सूत्र, अलकडीहा (धनबाद)। धनबाद नगर निगम (DMCचुनाव को चार महीने बीत चुके हैं। फरवरी 2026 में हुए चुनाव में संजीव सिंह मेयर चुने गए थे। लेकिन महज चार महीने के भीतर ही वार्ड पार्षद उनसे निराश होने लगे हैं। उनकी नाराजगी की वजह यह है कि एक ओर अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो रहे हैं, तो दूसरी ओर उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही है।

    आम लोगों के कामकाज की बजाय नगर निगम में ठेका-पट्टी पर अधिक जोर दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके विरोध में धनबाद नगर निगम के 55 वार्ड पार्षदों में से 22 ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने एक जुलाई को बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। 

    धनबाद नगर निगम के अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों में लगातार की जा रही उपेक्षा से नाराज पार्षदों ने रविवार की देर शाम वार्ड संख्या 41 स्थित आयुष्मान केंद्र पाथर बांग्ला में पार्षदों ने एक आपात बैठक की। इस बैठक में निगम प्रशासन के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोलते हुए आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता वार्ड संख्या 13 की पार्षद कर्मी देवी ने की। संचालन वार्ड संख्या 10 के पार्षद देवाशीष पासवान ने किया। बैठक में लगभग 22 वार्डों के पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर निगम के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

    मेयर और नगर आयुक्त पर उपेक्षा का आरोप 

    बैठक में पार्षदों ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि नगर निगम में पार्षदों द्वारा उठाई जाने वाली जन-समस्याओं को न तो मेयर सुन रहे हैं और न ही नगर आयुक्त। पार्षदों का सीधा आरोप है कि जनता द्वारा चुने गए पार्षदों की समस्याओं को प्राथमिकता देने के बजाय केवल निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही सुनी जा रही हैं। 

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    वार्डों में सफाई व्यवस्था पहले से लचर है। उस पर से सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने के बजाय लगातार कटौती की जा रही है। सड़कों, नालियों के निर्माण समेत अन्य बुनियादी विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। इसके कारण पार्षदों को अपने ही क्षेत्रों में जनता के भारी आक्रोश और विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

    एक जुलाई को बेकार बांध में बैठक, बनेगा एकता मंच 

    निगम के इस अड़ियल रवैये के खिलाफ पार्षदों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। अपनी आवाज को बुलंद करने और अधिकारों की रक्षा के लिए पार्षदों ने एक एकता मंचका गठन करने का निर्णय लिया है। आगामी बोर्ड बैठक से पहले, अपने अधिकारों के संघर्ष को तेज करने के लिए एक जुलाई को डिप्टी मेयर के नेतृत्व में धनबाद बेकार बांध में एक बैठक बुलाई गई है।

    पार्षदों का कहना है कि यदि निगम ने अपना रवैया नहीं बदला, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मौके पर निसार आलम, जय कुमार, सुनीत कुमार सिंह, शैलेंद्र सिंह, अनुरंजन सिंह, मुनिलाल रविदास, संजय यादव, आफताब आलम, अजीत महतो, निरंजन कुमार, बीरेन्द्र यादव, रश्मि राज और शमीम अख्तर सहित कई पार्षद व उनके प्रतिनिधि मौजूद थे।