यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dhanbad News: साइबर अपराधियों के नए पैंतरे से उड़े लोगों के होश, धनबाद DC को बनाया शिकार
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के नाम पर किसी ठग ने फर्जी व्हाट्सएप और फेसबुक अकाउंट बना लिया है। ठग ...और पढ़ें

HighLights
- एसएसपी की फोटो लगाकर लोगों से ठगी की हो रही कोशिश
- उपायुक्त ने आमजनों से सतर्क रहने का किया अनुरोध
- पुलिस को दी गई है सूचना, ठग के विरुद्ध की जाएगी कड़ी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, धनबाद। ठगों के निशाने पर अब प्रशासन के शीर्ष अधिकारी भी आ रहे हैं। विदेश में ठग ने धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन का फर्जी व्हाट्सएप व फेसबुक अकाउंट बना डाला है। उपायुक्त के नाम एवं प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग करते हुए दक्षिण पूर्व एशिया के लाओस में बैठे किसी ठग ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है।
इसके माध्यम से ठग प्रशासनिक पदाधिकारी सहित अन्य लोगों को मैसेज कर ठगी करने का प्रयास कर रहा है। कई लोगों को डीसी फर्जी के फेसबुक मैसेंजर से पैसे मांगे जाने की शिकायत मिली है। डीसी की फोटो लगाकर बनाए गए फेसबुक अकाउंट व मैसेंजर के माध्यम से ठग दूसरों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा है।
इसके साथ ही फेसबुक मेसेंजर पर मेसेज कर रहा है। इस संबंध में उपायुक्त ने आमजनों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी अनधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट या फोन नंबर से पैसों की मांग की जाती है या किसी प्रकार का प्रलोभन दिया जाता है या लिंक भेजी जाती है अथवा फेसबुक मेसेंजर पर मेसेज किया जाता है तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और फेसबुक को रिपोर्ट करें।
इसके बाद उपायुक्त ने आमजनों को सतर्क रहने और ऐसे ठग के किसी भी झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी अनाधिकृत फोन नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट से पैसों की मांग की जाती है या किसी प्रकार का प्रलोभन, लिंक भेजा जाता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर संबंधित सोशल मीडिया में रिपोर्ट करें।
साथ ही किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक को क्लिक करने से बचें। ठग के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। उधर, एसएसपी प्रभात कुमार की फोटो का इस्तेमाल करके भी सोशल मीडिया में ठगी करने की कोशिश हो रही है।
संदिग्ध मैसेज से बचने की हिदायत
डीसी ने लोगों से अपील किया है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें। इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या अपने निकटवर्ती थाना में दर्ज करा सकते हैं।
