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धनबाद पुलिस ने तेज किया साइबर सुरक्षा अभियान, IIT(ISM) के 13 छात्र बने 'साइबर साथी'

Published: Sat, 29 Aug 2026 07:09 AM (IST)

Dhanbad News: धनबाद पुलिस, दूरसंचार विभाग और आईआईटी-आईएसएम ने मिलकर साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है।

साइबर साथियों के साथ धनबाद के ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब। (फोटो साैजन्य)

साइबर साथियों के साथ धनबाद के ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब। (फोटो साैजन्य)

HighLights

  1. आईआईटी-आईएसएम के 13 छात्र 'साइबर साथी' बने।

  2. पुलिस, दूरसंचार विभाग मिलकर चलाएंगे जागरूकता अभियान।

  3. संदिग्ध मोबाइल नंबरों, अवैध सिम पर होगी कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, धनबाद। विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान को अब पुलिस के साथ भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और आईआईटी-आईएसएम साथ आ गए हैं। आईआईटी-आईएसएम धनबाद के 13 छात्रों को साइबर साथी का प्रशिक्षण देकर लोगों को जागरुक करने के लिए तैयार किया गया है।

शुक्रवार को ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और व्यापक बनाने के लिए अब दूरसंचार विभाग और धनबाद पुलिस समन्वय के साथ काम करेगी। इसमें आईआईटी-आईएसएम के छात्रों का भी सहयोग रहेगा।

उन्होंने बताया कि छात्रों को धनबाद पुलिस और दूरसंचार विभाग की ओर से साइबर सुरक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये छात्र अगले एक वर्ष तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लगातार लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेंगे।

साइबर साथी के रूप में छात्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नागरिकों से संवाद कर साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों, फर्जी कॉल, लिंक, ओटीपी, डिजिटल फ्रॉड सहित अन्य साइबर अपराधों से बचने के उपायों की जानकारी देंगे। इस दौरान दूरसंचार विभाग के सहायक महानिदेशक नीलेश कुमार सिन्हा, सहायक मंडल पदाधिकारी विशाल शाह समेत आईआईटी-आईएसएम के छात्र मौजूद थे।

संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी देगा दूरसंचार विभाग

दूरसंचार विभाग संदिग्ध मोबाइल नंबरों से जुड़ी सभी सूचनाएं धनबाद पुलिस के साथ साझा करेगा। इससे साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

अवैध सिम कार्ड बड़ी चुनौती

ग्रामीण एसपी याकूब ने कहा कि वित्तीय साइबर अपराध के पीछे म्यूल बैंक अकाउंट और अवैध सिम कार्ड बड़ी चुनौती हैं। साइबर अपराधी दूसरे लोगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को इधर-उधर करते हैं।

इसे रोकने के लिए धनबाद पुलिस बैंकों के साथ लगातार समन्वय और बैठक कर रही है। संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज कराने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मोबाइल सिम कार्ड जारी करने के दौरान सभी टेलीकॉम कंपनियों और संबंधित विक्रेताओं को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।

सीएसपी संचालकों पर पुलिस की विशेष नजर

पुलिस की नजर उन बैंक कर्मचारियों, सीएसपी संचालकों और सिम कार्ड विक्रेताओं पर रहेगी। जो म्यूल अकाउंट या अवैध सिम उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकते हैं। संलिप्तता अथवा गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल-कालेज से लेकर गांवों तक शुरू हुआ अभियान

ग्रामीण एसपी ने बताया कि साइबर सुरक्षा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए धनबाद पुलिस द्वारा कई स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साइबर अपराध से बचाव को लेकर तैयार की गई पुस्तक का वितरण किया जा रहा है।

स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल लगाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।